बेटे पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ धारा 307 लगवाने और लूट का मामला दर्ज करवाने उपायुक्त नगर निगम ग्वालियर को लगाना पड़ा एड़ी चोटी का जोर…

घटना मीडिया में आने पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को किया गिरफ्तार


ग्वालियर। ग्वालियर मैं लगातार लूट और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं अभी हाल ही के दिनों में पड़ाव थाना से करीब 200 मीटर की दूरी पर ग्वालियर नगर निगम डिप्टी कमिश्नर डॉ.अतिबल सिंह यादव के पुत्र वरुण यादव के साथ मारपीट और लूट की वारदात सामने,आई वरुण कार से अपने रिश्तेदार के यहां से घर जा रहे थे पड़ाव थाने से कुछ ही मीटरों की दूरी पर उनकी कार के आगे कुछ युवकों ने अपनी कार लगाकर वरुण से उनकी गाड़ी की चाबी छीनने लगे जब अरुणा कार की चाबी देने से इनकार किया तो उन्हें गाड़ी से उतारकर लोहे रोडो और धारदार हथियार से मारना शुरू कर दिया। जिसमें वरुण गंभीर रूप से घायल हो गए और बेहोश हो गए।

वरुण की पहचान के कुछ लोग वहीं से गुजर रहे थे उनकी गाड़ी पहचान मौके पर रुके उन्हें देख लुटेरे वरुण की गाड़ी छोड़, 12 तोले की सोने की चैन और वरुण का मोबाइल लूट कर मौके से फरार हो गए। मारपीट और लूट की वारदात मेन रोड पर करीब आधे घंटे तक चलती है लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। अगर वरुण के पहचान के लोग सही समय पर नहीं पहुंचते तो लुटेरे जान से भी मार सकते थे और कार भी लूट ले जाते। आपको बता दें इसी प्रकार की एक घटना हाली में ग्वालियर जिले में और भी हुई थी जिसमें लुटेरों ने कार के ड्राइवर को गंभीर रूप से घायल कर हाईवे पर छोड़ कार लूट कर ले गए थे । पुलिस की कार्यवाही भी संदेह के घेरे में है वरुण की शिकायत पर पुलिस ने अभी लूट की वारदात दर्ज नहीं की है कब तक शहर इस प्रकार की वारदातें होती रहेगी। 

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले पर अभी चुप हैं, फिलहाल पुलिस ने लूट में इस्तेमाल किए गए हथियार और उपयोग की गई सैंटरो कार गाड़ी नंबर. MP 07 CG 5625 बरामद कर ली है दो लोगों गिरफ्तार कर धारा- 323,324,327,427,506,34 में मर्ज पंजीकृत कर लुटेरों का पहले एक दिन के रिमांड पर लिया था परंतु लुटेरों से कुछ बरामद नहीं कर पाई पुलिस ने आब 2 दिन का रिमांड और लिया है, पुलिस का कहना है वरुण की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा.307 बढ़ा दी गई है। लेकिन अभी लूट का सामान बरामद नहीं हुआ है और लूट की धारा लगना शेष है  जिसके लिए वरुण के पिता डिप्टी कमिश्नर अतिबल यादव लिखित मैं निवेदन किया है ।