भगवान राम का मंदिर और भगवान का भक्त चोर !

महज़ 50 रूपए के लिए ट्रस्ट ने लिखाई चोरी की रिपोर्ट

इंदौर। । यह पूरा घटनाक्रम मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। मामला शहर के रावजी बाजार थाने क्षेत्र के राम मंदिर का है। पुजारी मंदिर में ही रहते हैं। एफआईआर के बाद से उनका पता नहीं है। पुलिस तलाश कर रही है। बताया जाता है कि मंदिर ट्रस्ट और पुजारी के बीच विवाद चल रहा है। 

यही वजह है कि 50 रुपए चोरी करने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। रुपए उठाने की घटना दो दिन पुरानी है। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल मंदिर के ट्रस्ट गठन के बाद से ही पदाधिकारियों और मंदिर के पुजारी के बीच विवाद चल रहा है। यह मामला न्यायालय पंजीयक लोक न्यास इंदौर 2016 में पहुंचा था। उस समय ट्रस्ट ने आरोप लगाए थे कि पुजारी काम में व्यवधान डाल रहे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि वह पदाधिकारियों के सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाता है। मंदिर की पूरी देखरेख ट्रस्ट करता है।

बात का निचोड़ ये निकला कि भगवान को चढ़ाये जाने वाले रूपये पैसे का मालिक ट्रस्ट होता है , न कि भगवान , दूसरी बात ये कि चढ़ाने वाले ने रूपये भगवान श्री राम को नहीं , ट्रस्ट को दिये , इसका मतलब भगवान श्री राम ट्रस्ट के एक कर्मचारी या नौकर कलाकार हैं , जो् ट्रस्ट के लिये कमाई करने का काम करते हैं , राम अपना मुख दर्शन करा कर कमा कमा कर देते हैं , और ट्रस्ट का भंडार भरते हैं, इसलिये ट्रस्ट की कमाई यानि धन में से पुजारी ने 50 रू  चुराया और चोर बन गया । 

अफसोस भारत देश का , जहां भगवान के  मालिक ट्रस्ट हुआ करते हैं और भगवान का चढ़ावा को अपनी संपत्ति समझते हैं कि भगवान का एक पुजारी 50 रू के लिये चोर बना दिया गया । वैसे पुजारी का मासिक वेतन कितना था , ट्रस्ट पुजारी को कितने महीने तनख़ा पर नौकरी पर रखे हुआ था और भगवान राम कितने रू महीने की नौकरी पर ट्रस्ट ने रखे थे , इसका खुलासा भी हो जाता तो ठीक रहता ।