जानें पूरा मामला…

पूर्व सांसद रामलखन सिंह और विधायक बेटे को मिली कोर्ट उठने की सजा

ग्वालियर। भिण्ड के पूर्व सांसद रामलखन सिंह और उनके विधायक बेटे संजीव सिंह को मारपीट करने के मामले में भोपाल की सांसद/विधायकों के विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। उन्हें कोर्ट खत्म होने तक कोर्ट में खड़े रहने की सजा सुनाई गयी। यहीं नहीं उन पर एक हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। मामला वर्ष 2015 में पंचायत चुनावों के दौरान प्रत्याशी देवेन्द्र सिंह भदौरिया से मारपीट और अपहरण का है। कोर्ट का समय खत्म होने के बाद रामलखन और उनका बेटा सजा पूरी कर चले गये और विशेष कोर्ट के एजीपी कमल वर्मा ने सुजा सुनाये जाने की पुष्टि की है।

मामले के फरियादी देवेन्द्रसिंह भदौरिया के वकील मयूर मानधन्या ने बताया कि 2015 के चुनाव के दौरान रामलखनसिंह और भिण्ड से बसपा विधायक बेटे संजीव सिंह ने जनपद अध्यक्ष बनाने के लिये कहा था। उनसे पैसे लिये गये थे। चुनाव खत्म होने तक उनका अपहरण कर प्रदेश के बाहर एक महीने तक रखा गया। इस बीच उनसे मारपीट की गयी। चुनाव के बाद उन्हें जनपद अध्यक्ष नहीं बनाया गया। इसे लेकर देवेन्द्र ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने साधारण मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया था। 

मयूर ने बताया 28 सितम्बर 2018 को उक्त प्रकरण भोपाल स्थित विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए) के सामने आया।विशेष न्यायालय के पीठासीन अधिकारी प्रवेन्द्र कुमार सिंह ने 24 जुलाई को संजू सिंह, रामलखन सिंह और विनोद सिंह को धारा 323 के तहत दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई। एक-एक हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया। मयूर का कहना है कि आरोपियों के प्रभावशाली व्यक्ति होने के चलते जांच अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं की गयी। इसका लाभ दोषियों को मिला है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे के साथ देवेन्द्र और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर वह हाईकोर्ट जायेंगे।