29 जुलाई को कमलनाथ ने बुलाई बैठक…

कांग्रेस ने की चुनाव प्रभारियों की तैनाती

भोपाल। हाल ही में दमोह उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित मध्य प्रदेश कांग्रेस आगामी उपचुनावों को देखते हुए एक बार फिर चुनावी मोड में आ गई है. उपचुनाव की तैयारियों के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ 29 जुलाई को अहम बैठक लेने वाले हैं. इस बैठक में उपचुनाव वाले क्षेत्रों के नेताओं को बुलाया गया है. इस बैठक में एक लोकसभा और 3 विधानसभा उपचुनाव में जीत का फॉर्मूला तय किया जाएगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी चंद्रप्रभास शेखर का कहना है कि उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने 3 महीने पहले तैयारी शुरू कर दी थी. इसके लिए कांग्रेस ने तीनों विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विधानसभाओं में प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं. 

साथ ही प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने 29 जुलाई को विधायकों, जिला पदाधिकारियों, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की अहम बैठक भी बुलाई है। इसे लेकर वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक उमेश त्रिवेदी का कहना है कि इस समय कांग्रेस फायदे में है लेकिन उनका अति आत्मविश्वास घातक है. त्रिवेदी ने कहा कि बीजेपी तैयारियों में पिछड़ रही है इसका फायदा कांग्रेस को होगा, लेकिन दमोह उपचुनाव के बाद अति आत्मविश्वास में आई कांग्रेस के लिए यह थोड़ा घातक भी हो सकता है. उमेश त्रिवेदी ने कहा कि सरकार के खिलाफ इन दिनों जो माहौल है उससे कांग्रेस को जरूर फायदा होगा। कांग्रेस की तैयारियों की बात करें, तो कांग्रेस ने उपचुनाव वाली सीटों पर उम्मीदवार चयन के लिए किए जाने वाले सर्वे के प्रभारियों की तैनाती कर दी है. 

इसमें विधायक रवि जोशी को जोबट, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया को रैगांव, विधायक प्रवीण पाठक और मनोज चावला को पृथ्वीपुर का प्रभारी नियुक्त किया है. 29 जुलाई को होने वाली बैठक में चुनाव वाली सीटों के जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को भोपाल बुलाया गया है। मध्य प्रदेश में 4 सीटों पर उपचुनाव होना है. इसमें से एक लोकसभा और 3 विधानसभा सीटें है. खंडवा लोकसभा की सीट सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन से खाली हुआ है. वहीं पृथ्वीपुर सीट बृजेन्द्र सिंह राठौर, रैगांव सीट जुगल किशोर बागरी और जोबट सीट कलावती भूरिया के निधन से खाली हुई है. इन 4 सीटों में से खंडवा लोकसभा सीट और रैगांव विधानसभा सीट बीजेपी के पास थी, जबकि जोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा सीट कांग्रेस के पास थी।