मई में अब तक 60.2 MM बरस चुके हैं बादल…

ताऊ ते का असर : ग्वालियर में बारिश ने तोड़ा 62 साल का रिकॉर्ड !

ताऊ ते तूफान गुजरात से राजस्थान पहुंच गया है और अब वह कमजोर होने लगा है। पर इसके बाद भी उसका असर लगातार तीसरे दिन अंचल में बारिश के रूप में दिखाई दिया है। ग्वालियर और आसपास के शहरों में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक बारिश हुई है। यही कारण है कि मई में अभी तक की बारिश ने बीते 62 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मई में अभी तक 60.2 MM बारिश हो चुकी है। जबकि रात से सुबह तक 15 MM बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो अब ताऊ ते तूफान गुजरात में कमजोर पड़ गया है और अब वह कम दबाव के क्षेत्र में आगे बढ़ गया है। यह राजस्थान पहुंच चुका है। इसके असर से ग्वालियर अंचल का मौसम भी बदल गया। 

सुबह से शहर में झमाझम बारिश हो रही है। पॉश कॉलोनियों, गली मोहल्लों में पानी भर गया है। सड़कों पर जल भराव हो गया। रिमझिम बारिश के असर से मौसम ठंडा और सुहाना हो गया है। लगातार तीसरे दिन बारिश के कारण मई महीने में 62 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। इससे पहले सन 1959 में मई के 31 दिन में 59.5 MM बारिश हुई थी, जबकि सन 2021 में मई के 19 दिन में ही 60.2 MM बारिश हो चुकी है। यही कारण है कि बुधवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

ताऊ ते तूफान का असर अभी कम नहीं हुआ है कि अब बंगाल की खाड़ी में एक नया तूफान या चक्रवाद की संभावना बनने लगी है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। यह 23 मई के आसपास तूफान चक्रवात का रूप लेकर आगे बढ़ेगा। जो ओडिशा के तट से टकराते हुए झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। यदि इस तूफान की दिशा झारखंड की ओर रहती है तो ग्वालियर-चंबल संभाग में फिर से बारिश की संभावना बनेगी। मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय का कहना है कि 25 मई से नौतपा है। नौतपा में जो भीषण गर्मी रहती है, उसका अहसास इस बार नहीं होगा। पश्चिमी विक्षोभ भी आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में भी तूफान सक्रिय हो गया है। इससे बारिश व आंधी का दौर जारी रहेगा।