देश में फिर से लगेगा लॉकडाउन !

14 अप्रैल को राज्यपालों संग बैठक करेंगे PM मोदी

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। आज संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक 1,68,912  नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,35,27,717 हो गई है। इसके बाद लोगों को फिर से लॉकडाउन का डर सताने लगा है। हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को राज्यपालों संग बैठक कर लॉकडाउन लगाने पर विचार करेगें, यह बैठक बुधवार शाम 6.30 बजे होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार 8 अप्रैल को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। 

बैठक में देश में कोरोना महामारी की स्थिति की समीक्षा और संक्रमण को फैलने से रोकने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने नाइट कर्फ्यू को प्रभावी बताते हुए राज्यों को सलाह दी कि इसे कोरोना कर्फ्यू के तौर पर लागू करना चाहिए। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा दुनिया भर में नाइट कर्फ्यू का प्रयोग सफल रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों मे कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर के पीक को भी पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि केस बढ़ने की एक बड़ी वजह यह है कि लोग अब लापरवाह हो गए हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए फिर से युद्धस्तर पर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोग बहुत बेफिक्र हो गए हैं। प्रशासन भी बहुत सुस्त नजर आ रहा है। एक बार फिर हालात चुनौतीपूर्ण हो रहे हैं। इस बार खतरा पहले से ज्यादा है। वहीं आंकड़ों में बताया गया है कि देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 12 लाख से अधिक हो गई है तथा 904 और लोगों की मौत होने के बाद संक्रमण से अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,70,179 हो गई है। 

संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 33वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच देश में उपचाराधीन लोगों की संख्या बढ़कर 12,01,009  हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 8.88  प्रतिशत है, जबकि लोगों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 89.86 प्रतिशत रह गई है। देश में सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज 12 फरवरी को थे और सबसे अधिक 10,17,754 उपचाराधीन मरीज 18 सितंबर 2020 को थे, लेकिन अब उनकी संख्या इस आंकड़े से भी आगे निकल गई है। आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से अब तक 1,21,56,529, लोग उबर चुके हैं जबकि मृत्यु दर 1.26 प्रतिशत है।