कथित सांप्रदायिक मकसद वाले बयानों को लेकर…

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर लगाया बैन

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार करने पर 24 घंटों के लिए रोक लगा दी गई है। ये रोक सोमवार शाम 8 बजे से लेकर मंगलवार शाम 8 बजे तक जारी रहेगी। चुनाव आयोग के इस बयान पर टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''निर्वाचन आयोग के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय के विरोध में, मैं कल दोपहर 12 बजे कोलकाता के गांधी मूर्ति के पास धरने पर बैठूंगी।'' इससे पहले केंद्रीय चुनाव आयोग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी ने पिछले कुछ दिनों के दौरान 2 ऐसे बयान दिए हैं जो प्रदेश के माहौल को खराब कर सकते हैं लिहाजा यह कार्रवाई की जा रही है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2 बयानों को लेकर यह कार्रवाई की है। इस सिलसिले में केंद्रीय चुनाव आयोग पहले ममता बनर्जी को नोटिस भी जारी कर चुका है और उसी का जवाब देखने के बाद चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई की है। पहले नोटिस में केंद्रीय चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी से उनके उस बयान पर जब जवाब मांगा था जिसमें ममता बनर्जी ने मुस्लिम मतदाताओं के बीच जाकर वह को एकजुट रखने की बात कही थी बीजेपी ने इसको लेकर शिकायत दी थी कि ममता बनर्जी वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।

जबकि दूसरे नोटिस में केंद्रीय चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी से उनके उस बयान पर जवाब मांगा था जिसमें ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षाबलों पर सवाल उठाया था और जनता को भड़काने का काम किया था। ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के ऊपर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह बीजेपी के इशारे पर राज्य में लोगों को मतदान नहीं करने दे रहे। ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर ऐसा होता है तो लोग घरों से लाठी-डंडे लेकर निकले और उनको सबक सिखाएं। केंद्रीय चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई ममता बनर्जी को दिए गए दो नोटिस का जवाब मिलने के बाद में की है। केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजे का जवाब में ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्होंने वोटों को बांटने की बात नहीं कही बल्कि उल्टा हिंदू-मुसलमान सब को एक साथ रहने की बात कही थी। ममता बनर्जी ने अपने जवाब में कहा था कि यह उन लोगों को कड़ा संदेश था जो लोग समाज को बांट कर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय सुरक्षा बलों के ऊपर हमले वाले बयान पर ममता बनर्जी ने जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने हमला करने की बात नहीं कही इतना जरूर कहा था कि अगर कोई आपको वोट करने से रोके तो आप वहां पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कीजिए और अपने मत का इस्तेमाल कीजिए। 

लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ममता बनर्जी के इन दोनों ही जवाबों से संतुष्ट नहीं दिखा और चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस तरीके के भड़काऊ भाषण देने से बचें। क्योंकि वह राज्य के मुख्यमंत्री भी है और उनके इस तरीके के भड़काऊ भाषणों से राज्य की कानून व्यवस्था खराब हो सकती है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने कहा कि उसकी कोशिश राज्य में निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने की है जबकि ऐसे भाषण चुनाव आयोग की इस कोशिश में भी बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग के द्वारा ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर लगाई गई रोक इस वजह से काफी अहम हो जाती है क्योंकि पांचवें चरण का चुनाव प्रचार 14 अप्रैल शाम 6 बजे खत्म हो जाएगा। वैसे चुनाव तो 17 अप्रैल को होना है लेकिन राज्य के हालातों को देखते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार 48 की जगह 72 घंटे पहले खत्म करने का ही आदेश जारी किया हुआ है। इसका मतलब साफ है कि ममता बनर्जी के पास पांचवें चरण के लिए चुनाव प्रचार करने का जो वक्त बचा था उसमें से भी आधा वक़्त अब इस रोक के चलते वो चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगी और पांचवें चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम वक्त पर लगी यह रोक ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका कहा जा सकता है।