तीन सौ से अधिक बैड वाला अस्पताल…

JU खोलेगा स्वयं का मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल

ग्वालियर। बुधवार को इस संबंध में हुई एडवाइजरी समिति की बैठक जीवाजी विश्वविद्यालय के टंडन हॉल में बुधवार को मेडिकल कॉलेज के प्रारंभ व संचालन किए जाने हेतु एडवाइजरी समिति की मीटिंग हुई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में कहा गया कि जेयू के पास स्वयं की बीस एकड़ भूमि है, जिस पर जेयू द्वारा  मेडिकल कॉलेज खोला जाए। शुरूआत में 150 सीटों  के लिए ओपन होने वाले इस कॉलेज के साथ तीन सौ से अधिक बैड वाला अस्पताल भी खोले जाने पर विचार हुआ। 

इसके लिए एनओसी प्राप्त करने के लिए एप्लीकेशन जुलाई माह तक फाइल करने की बात कही गई। बैठक में कुलाधिसचिव प्रो. उमेश होलानी, कुलसचिव प्रो. आनंद मिश्रा, डीसीडीसी डॉ. केशव िंसंह गुर्जर, डीआर डॉ. आईके मंसूरी सहित प्रो. जीबीकेएस प्रसाद, प्रो. डीडी अग्रवाल, प्रो. नलिनी श्रीवास्तव, प्रो. एके श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति बिंदल, डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. सुखदेव माखीजा मौजूद रहे।

समित के सदस्यों ने ये भी विचार रखे -

  • बीएचयू व एएमयू जैसे विश्वविद्यालयों द्वारा भी स्वयं के हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए भी जेयू में उचित इंफ्रास्ट्रक्चर युक्त हॉस्पिटल खोलने की आवश्यकता है। 
  • वर्तमान में प्रदेश में 17 हजार की जनसंख्या पर एक डॉक्टर है। डॉक्टर्स की कमी को पूरी करने के लिए भी हॉस्पिटल ओपन करने की आवश्यकता है।
  • नई शिक्षा नीति के अनुसार विश्वविद्यालय को मल्टीफंक्शनल होना जरूरी है, इसलिए विवि को स्वयं का हॉस्पिटल खोले जाने की जरूरत है। 
  • इसके लिए विज्ञापन जारी करके 11 माह के लिए फैकल्टी की संविदा नियुक्ति की जा सकती है।
  • इस बात पर भी फोकस हो कि टीचिंग उपकरण व हॉस्पिटल के उपकरण अलग- अलग हो। 
  • ग्वालियर संभाग में वर्तमान में कोई भी प्राइवेट कॉलेज संचालित नहीं है, जबकि अन्य संभागों में यह व्यवस्था उपलब्ध है, अतः मेडिकल कॉलेज खोला जाना चाहिए।
  • जेयू की चिकित्सा संबद्धतता जबलपुर विवि में स्थानांतरित हो गई, जिसे फिर से शुरू किया जाए।