कई महत्वपूर्ण परियोजनाओ से मिलेगा शहर को स्मार्ट स्वरुप…

ग्वालियर स्मार्ट सिटी की बोर्ड मीटिंग में हुई विकास कार्यों की समीक्षा

ग्वालियर। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कोरपोरेशन लिमिटेड की आज मंगलवार को बोर्ड मीटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर में सम्पन्न हुई। बैठक में ग्वालियर स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत किये जा रहे विकास कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा संचालक मंडल द्वारा की गई। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगमायुक्त शिवम वर्मा, सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह, सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बोर्ड मीटिंग में निदेशक मंडल के निदेशक प्रशान्त मेहता सहीत अन्य सदस्यो ने विडीओ कॉनफ़्रेंसिंग के माध्यम से अपनी भागीदारी दी। बैठक की शुरुआत में स्मार्ट सिटी द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यो की प्रगति की विस्तृत जानकारी से निदेशक मंडल को अवगत कराया गया। बैठक में सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती सिंह ने अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल को बनाये जाने को लेकर विस्तृत जानकारी बोर्ड से साझा की। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट के अंतर्गत यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है जिसका लाभ शहरवासियो को मिलेगा। 

आइएसबीटी का स्वरुप हेरिटेज थीम पर आधारित होगा तथा इसका निर्माण ग्रीन बिल्डिंग काँन्सेप्ट के तहत किया जायेगा। उर्जा बचत, जल संरक्षण, प्राकृतिक प्रकाश जैसे ग्रीन घटक इसके निर्माण में अहम भूमिका निभायेगे। बैठक में इस परियोजना को सर्वसम्मति से बोर्ड द्वारा सैद्धातिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह ने बोर्ड के समक्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु ट्रांसफर स्टेशनो की मोनिटरिंग व संचालन स्मार्ट सिटी द्वारा किये जाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह प्रस्ताव बोर्ड के द्वारा स्वीकृत किया गया। गौरतलब है कि इन ट्रांसफर स्टेशनो पर कचरे के प्रथककरण तथा संघनन जैसे महत्वपूर्ण कार्य होते है जिसके उपरांत कचरे को निष्पादन हेतु भेजा जाता है। वही बैठक में ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा रिवरफ़्रंट डेवलपमेंट परियोजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई बैठक में लोक निर्माण विभाग(सेतु निर्माण) के अधिकारियो नें स्वर्ण रेखा पर प्रस्तावित ऐलिवेटेड रिंग रोड की योजना से निदेशक मंडल को अवगत कराया। 

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा लोक निर्माण विभाग, ग्वालियर नगर निगम तथा ग्वालियर स्मार्ट सिटी को समन्यवयन बिठा कर रिवरफ्रंट डेवलपमेंट की प्रत्येक किलोमीटर के अनुसार तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। श्रीमती सिंह नें स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में किये जा रहे विकास कार्यो की भी सिलसिलेवार जानकारी बोर्ड के समक्ष साझा की। श्रीमती सिंह नें बताया कि शासकीय मुद्रणालय की ऐतिहासिक बिल्डिंग को स्मार्ट सिटी को हेडओवर किये जाने को लेकर कार्य अंतिम चरण में है। वही स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट को लगाये जाने का कार्य भी तेज गति से किया जा रहा है और इस परियोजना के तीन महिने में पूर्ण होने की आशा है। श्रीमती सिंह नें बताया कि जयपुर जैसे अन्य शहरो की तर्ज पर ग्वालियर शहर की ऐतिहासिक ईमारतो पर फसाड लाइटिंग का कार्य अनुभवी और कुशल लोगो द्वारा करवाया जा रहा है। वही शहर के लिये महत्वपूर्ण परियोजना स्मार्ट रोड का कार्य भी प्रगति पर है और समय सारणी बनाकर इस कार्य को किया जा रहा है। 

बोर्ड अधिकारियों ने ऐसे प्रोजेक्ट को प्राथमिक रूप से पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये जो शहर के विकास में अपनी अहम भूमिका रखते हैं। बोर्ड के सदस्यो नें निर्देशित किया की स्मार्ट सिटी द्वारा जो भी विकास कार्य शहर में करवाये जा रहे है और जो कार्य अंतिम चरण में है उन्हे शीघ्र अति शीघ्र गुणवत्ता के साथ समय सारणी तैयार कर पूर्ण कराये जाने को निर्देशित किया, ताकि शहर की जनता को इन कार्यो का लाभ मिल सके। बैठक में कलेक्ट्रर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह नें सुझाव दिया कि शहर के सिरोल व आसपास के क्षेत्र में लोगो के खानपान औऱ मनोरंजन हेतु हेरिटेज थीम पर आधारित पर्यटन स्थल विकसित किये जाये, इसके लिये उन्होने ग्वालियर स्मार्ट सिटी को योजना बनाने के लिये निर्देशित किया। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि पर्यटन की दृष्टी से ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में कटोराताल में म्यूजिकल फाउंटेन सहीत तारामंडल का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे शहर की जनता के लिये खोल दिया जायेगा।