महादेव की कसम लेने को कहा तो भाग निकला आरोपी…

मजिस्ट्रेट महादेव ने सुलझाया 2.4 लाख की चोरी का मामला

ग्वालियर। ट्रक ड्राइवर ने 2.04 लाख रुपए खुद हड़प लिए और मालिक को बता दिया कि चोरी हो गए। इस पर मामला गिरगांव के मजिस्ट्रेट महादेव मंदिर में पहुंचा, जहां कोई झूठ नहीं बोलता है। यहां पंचायत फैसले कराती है। यहां जब ट्रक मालिक ने ड्राइवर को मंदिर में महादेव की कसम लेने के लिए कहा तो आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग निकला। इसके बाद ट्रक मालिक ने अब डबरा थाने में एफ.आइ.आर. दर्ज कराई। चोरी की घटना 13 मार्च की डीडी नगर की है। डबरा में बल्ला का डेरा निवासी राजू बाथम पुत्र टीकाराम बाथम ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं। उनके यहां डबरा निवासी विवेक (29) उर्फ रामू दुबे पुत्र जानकी प्रसाद दुबे काम करता है। 13 मार्च को उनके ट्रक नंबर एम.पी.07-7098 को लेकर चालक विवेक दतिया से गुड़ भरकर भिंड के लिए निकला था। 

उसे भिंड में व्यापारी उमेश कुमार जैन के यहां माल पहुंचाना था। उसी दिन विवेक गाड़ी लेकर भिंड पहुंचा। वहां उमेश जैन के गोदाम पर माल उतारा। वहां से भुगतान के 2 लाख 4 हजार 880 रुपए ले लिए। इसके बाद एक अन्य व्यापारी के यहां से आटा के पैकेट भरकर ग्वालियर के डीडी नगर में अनलोडिंग की। इसी दिन विवेक ने फोन कर ट्रक मालिक को बताया, गाड़ी से भुगतान के दो लाख रुपए चोरी हो गए हैं। इस पर ट्रक मालिक वहां पहुंचा, तो विवेक ठीक से जवाब नहीं दे रहा था। फैसला करने पहुंचे श्मजिस्ट्रेट के यहां-जब ड्राइवर ने हिसाब नहीं दिया, तो ट्रक मालिक राजू उसे 20 किलोमीटर दूर गिरगांव के मजिस्ट्रेट महादेव मंदिर ले गया। यहां जब बैठी पंचायत में मामले को रखा गया। सुनवाई के बाद जब ड्राइवर को महादेव की कसम खाने के लिए कहा गया, तो वह हाथ छुड़ाकर भाग गया। इसके बाद ट्रक मालिक को यकीन हो गया। 

कुछ दिन तक उससे रुपए वापस करने की कहते रहे। राजू ने ड्राइवर से रुपए लौटाने के लिए भी कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसके बाद राजू थाने पहुंचकर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोपी अभी फरार है। मजिस्ट्रेट महादेव की मान्यता-गौरतलब है कि गिरगांव में शंकर भगवान का मंदिर है। ये मंदिर गुर्जर समाज का है। इन्हें मजिस्ट्रेट महादेव भी कहा जाता है। मध्यप्रदेश, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के कई गांव के लोग यहां चोरी, मारपीट व अन्य तरह के झगड़े का फैसला करवाते हैं। मान्यता है, यहां झूठी कसम खाने वाले के घर में अनर्थ हो जाता है। यहां पंच बैठते हैं। इसमें आरोपी और पीड़ित अपना पक्ष रखते हैं। बहस के बाद महादेव की कसम दिलाकर फैसला सुनाया जाता है।