लापरवाहो पर चलेगा शासन का डंडा...

CM हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं शिवराज !

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीएम हेल्पलाइन के जरिए वर्तमान में जिस तरह से लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा था, उससे संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हेल्पलाइन पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। अब हेल्पलाइन के  जरिए शिकायतों के निराकरण में खानापूर्ति नहीं होगी। हर महीने सीएम हेल्पलाइन के जरिए समस्याओं का खराब या बेहतर ढंग से समाधान कराने वाले जिलों की ग्रेडिंग की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन के जरिए जिलों को दो वर्गों में बांटा गया है। 

जिसके तहत माह के अंत में लंबित शिकायतों की संख्या में कमी लाने वाले जिलों को बेहतर श्रेणी में माना जाएगा। इसी तरह माह के अंत लंबित शिकायतों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने वाले जिलों को खराब श्रेणी में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीएम हेल्पलाइन के जरिए मई महीने में कराई गई ग्रेडिंग में सिंगरौली, हरदा, रतलाम, अलीराजपुर और होशंगाबाद जिले बेहतर श्रेणी में रहे हैं। जबकि श्योपुर, सीधी, बड़वानी, आगर-मालवा और रीवा जिले का परफॉर्मेंस बेहद खराब रहा है l 

सीएम हेल्पलाइन के जरिए शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता लाने के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तह शिकायतों को नागरिकों की संतुष्टि के बाद ही बंद किया जाए। अत्यधिक समय से लंबित शिकायतों की संख्या में कमी लाना। शिकायतों का उचित रूप से निराकरण करना, जैसे कि समुचित एवं पूर्ण कार्रवाई के बाद ही शिकायत को बंद करना। शिकायतें बिना निराकरण उच्च स्तर पर प्रेषित न हो सके। जिले में सक्रिय रूप से कार्य कर शिकायतों की संख्या में कमी लाना होगी।