बजट का हाल...

एक बार फिर सलीम और अकबर के बीच फंसी अनारकली : तोमर

ग्वालियर। विख्यात फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में बादशाह अकबर का एक डायलॉग है, जिसमें वे अनारकली से कहते हैं, "अगर ऐसा न हुआ तो सलीम तुझे मरने नहीं देगा और हम तुझे जीने नहीं देंगे। " यह डायलॉग आज के बजट की स्थित पर पूरी तरह फिट बैठता है। ऐसा कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर का ,जो मोदी सरकार के बजट से बहुत चिंतित है। उन्होंने मोदी सरकार के बजट की तुलना अनारकली से की, जिसकी तेजी पर  महंगाई, वैल्यूएशन और ट्रेड वॉर की चिंताओं के अकबर बैठे हैं। 

दूसरी तरफ, कॉर्पोरेट जगत के कुछ परिवारों के इशारों पर बजट को तैयार किया गया है,जो बाज़ार के बिना गरीब और माध्यम वर्ग एक कदम एक कदम आगे नहीं बढ़ सकता है,जो सलीम की तरह है। यही वजह है कि "अनारकली एक बार फिर सलीम और अकबर के बीच फंस गई है। "यानि कि सरकार और कॉर्पोरेट जगत के बीच गरीब और मध्यमवर्ग पूरी तरह पिस कर रह गया है। 

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री यदुनाथ तोमर ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद बड़ी संख्या में युवा वर्ग को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। युवा वर्ग के रोजगार को लेकर इस बजट में कोई ख्याल नहीं रखा गया है। श्री तोमर का आरोप है कई कई वर्षों पुरानी घोषणाओं को इस बजट में एक बार फिर दोहराने का काम किया गया है। जो लोग कहते थे कि देश नहीं बिकने दूंगा , उनका आज नारा है सब चीज़ बेच दूँगा।

यह इस बजट से भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। श्री तोमर ने कहा कि गरीब-मध्यमवर्गीय लोगों के लिये इस बजट में कुछ नहीं है।आयकर में छूट की उम्मीद थी लेकिन छूट नहीं बढ़ायी गयी।यह बजट महंगाई बढ़ाने वाला बजट है.पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इस बजट में करो में भारी राहत की जनता को उम्मीद थी लेकिन जनता एक बार फिर ठगी गयी है। यह बजट पूरी तरह से आमजन विरोधी व निराशाजनक बजट है।