गौ-पूजन के साथ हुआ गौसेवकों का सम्मान…

गौ-सेवा व गौरक्षा करना हमारा परम कर्तव्य : पूर्व मंत्री

ग्वालियर। गौ-सेवा करना सबसे बडे पुण्य का कार्य है। गाय विश्व की माता है। आज के समय में गौरक्षा से बड़ा कठिन कार्य गौसेवा और गौसंवर्धन का हो गया है, पवैया ने गौसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्होंने बजंरग दल में रहते हुए महाराष्ट्र में पौने 2 लाख गौवंश को कसाईयों से बचाया था, वहीं ग्वालियर में अलकबीर का मशीनीकृत कत्लखाना खुलवाले की योजना थी जिसे हम गौसेवकों ने पूरा नहीं होने दिया अगर उनकी योजना सफल हो जाती तो ग्वालियर में हर दिन 3 हजार गाय एवं पशुओं को काटा जाता। 

बहरहाल आज के दौर में जरूरत है कि लोग घरों में दुकानों में प्रतिदिन एक राशि गौमाता के लिए गुल्लक में जमा करें और आसपास की गौशालाओं को वह राशि उपलब्ध कराएं वहीं सरकार गौरक्षा के लिए पुलिस की cr में प्रावधान कर दें तो पुलिस हो गौरक्षा कर लेगी। उक्ताशय के विचार मध्य प्रदेश शासन के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने आज बुधवार को मध्यप्रदेश गोपालन एवं पशुधन संवंर्धन बोर्ड मप्र शासन के पूर्व उपाध्यक्ष स्व पदम बरैया की पुण्यतिथि पर नगर निगम द्वारा संचालित लालटिपारा स्थित आदर्श गौशाला में आयोजित गौपूजन एवं गौसेवकों के सम्मान समारोह में मुख्यवक्ता के रुप में व्यक्त किए। 

अखिल भारतीय दिगम्बर जैन बरैया महासभा एवं अखिल भारतीय दिगम्बर जैन बरैया विकास परिषद द्वारा मध्यप्रदेश गोपालन एवं पशुधन संवंर्धन बोर्ड मप्र शासन के पूर्व उपाध्यक्ष स्व पदम बरैया की पुण्यतिथि पर लालटिपारा स्थित आदर्श गौशाला में गौ-पूजन एवं गौ सेवकों का सम्मान समारोह आयोजित किया। इस दौरान मुख्य वक्ता के रुप में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम गौपूजन का गौभोग लगाया तथा गौसेवा में निरंतर कार्यरत संतो एवं गौ भक्तों का शाॅल, श्रीफल एवं वस्त्रों से सम्मान किया।

 कार्यक्रम में विशेष अतिथि पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि सन्तों के बताए मार्गपर चलकर हम सबको गौसेवा करना चाहिए। इस दौरान स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान ने 24 अवतारों में से एक अवतार गाय का लिया है। इसलिए जो भी गौसेवा करते हैं वह सीधे भगवान की सेवा करते हैं। स्वामी ऋषभानंद जी महाराज ने गौसेवा के संकल्प के बारे में बताया कि ग्वालियर अंचल में भिंड, मुरैना, डबरा एवं दतिया के गौसेवक पूरे मन से गौसेवा कर रहे हैं आज उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। यदि इसी प्रकार देश भर में युवा गौ सेवा का संकल्प लें, तो आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण होगा।