मुख्यमंत्री की हुँकार से कुंभकरणी नींद से जागा प्रशासन…

बिना रायल्टी के नहीं निकलेगा खनिज से भरा कोई वाहन : भार्गव

जिले में अवैध खनन एवं परिवहन को रोकने के लिये कड़े कदम उठाये गये हैं। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने इसके लिये पुलिस, वन, राजस्व व अन्य विभागों के कर्मचारियों का संयुक्त दल गठित किया है। यह दल जिले के सात मार्गों पर स्थापित जांच चौकी पर खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों की चौबीस घण्टें जांच करेगा। खनिज अधिकारी, तहसीलदार और थाना प्रभारी संबंधित जांच चौकी का लगातार भ्रमण और पर्यवेक्षण करेंगे। पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी बैठक आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कर कलेक्टर श्री भार्गव ने निर्देश दिए कि कोई भी ट्रक, ट्रेक्टर ट्राली या खनिज से भरा कोई भी वाहन बिना रायल्टी के न निकले। खास तौर पर रेत एवं गिटटी के वाहनों की जांच की जाए। 

कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि खनिज से भरा कोई भी वाहन बिना रायल्टी के मिले तो उसे मौके पर ही खड़ा कराने और संबंधित अधिकारी को आगामी कार्रवाई के लिये तुरंत सूचित करें। उन्होंने खनिज का परिवहन करने वाले वाहन की ईटीपी की जांच करते समय  ईटीपी जारी करने का दिनांक, समय, वाहन क्रमांक, परिवहन किया जा रहा खनिज तथा परिवहन करने की कुल अवधि को विशेष रूप से देखने के निर्देश दिए। ताकि कोई वाहन एक ही ईटीपी पर एक बार से अधिक तथा उल्लेखित समय सीमा के पहले या बाद खनिज का परिवहन न कर सके।  इस बैठक में एएसपी अमृत मीणा एवं खनिज अधिकारी आरके कैथल ने जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकरी आरआर सेंगर भी उपस्थित थे। खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों की जांच के लिये सात मार्गों पर जांच चौकी बनाई गई है। 

इनमें होशंगाबाद रोड पर ग्राम उमरिया, औबेदुल्लगंज से रेहट रोड, बाड़ी से बकतरा रोड, बम्होरी से बटेरा रोड, उदयपुरा से बोरास रोड पर ग्राम रेहली, सिलवानी से उदयपुरा रोड, नागिन मोड़ बाड़ी के ग्राम सिरवारा पर जांच चौकियां बनाई गईं है। एएसपी अमृत मीणा ने जांच दल से कहा कि कहीं कोई अप्रिय घटना की संभावना हो या पुलिस बल की आवश्कता होने पर संबंधित थाने को तत्काल सूचित करें, ताकि समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जांच दलों से सूचना मिलने पर पर्याप्त पुलिस जवान उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने थानेदारों को इन चैकियों का भ्रमण एवं पर्यवेक्षण के भी निर्देश दिए। लेकिन रेत माफिया है कि मानता ही नहीं।