150 साल पुराने…

भूतेश्वर मंदिर के पुजारी को बाहर कर प्रशासन ने कमरों पर लगाया ताला

प्राचीन भूतेश्वर मंदिर परिसर में 150 साल से रह रहे पुजारी परिवार को गुरूवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई कर बाहर कर दिया है। साथ ही परिसर में जहां वो रह रहे थे वहां 3 कमरों पर ताला लगा दिया है। मंदिर परिसर माफी औकाफ की जमीन पर था। प्रशासन की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने काफी विरोध किया, लेकिन पहले से तैयार फोर्स से हालात पर काबू पा लिया गया। पुजारी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया है। पुजारी अमन शर्मा ने आरोप लगाया है कि सिंधिया के इशारे पर प्रशासन ने यह परिसर खाली कराया है।

शहर के बहोड़ापुर क्षेत्र में शब्द प्रताप आश्रम के सामने प्राचीन शिव मंदिर भूतेश्वर धाम है। जिला प्रशासन ने मंदिर की जमीन को शासकीय माफी औकाफ की बताते हुए परिसर को अवैध बताया है। सिंधिया देव ट्रस्ट इस जगह को अपनी बताकर अमन शर्मा के परिवार को कब्जाधारी बताता है। जिस पर गुरूवार को जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार ममता शाक्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। साथ में काफी तादाद में पुलिस बल मौजूद रहा। मंदिर परिसर में रह रहे पुजारी 36 वर्षीय अमन कुमार शर्मा और उनके परिवार को बाहर कर दिया। घर का पूरा सामान भरकर मदाखलत दस्ता ले गया और तीन कमरों पर ताला लगा दिया। 

इस मौके पर स्थानीय लोग एकत्रित हो गए और हंगामा किया। इस पर पुलिस बल ने कुछ समय के लिए पुजारी अमन शर्मा को थाने में ले जाकर बैठा दिया। मंदिर के पुजारी अमन शर्मा का कहना है कि उनका परिवार 150 साल से यहां है। वह पांचवी पीढ़ी से हैं। सबसे पहले उन्हीं के परदादा लीलाधर शर्मा मंदिर में पुजारी थे उनके बाद लालाराम शर्मा, शिवचरण शर्मा, शंभूनाथ शर्मा पुजारी रहे। इस मंदिर पर मालिकाना का हक सुप्रीम कोर्ट से हमारे पक्ष में रहा है। 23 नवंबर को हाईकोर्ट में भी तारीख है, उससे पहले यह कार्रवाई की गई है।