भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार…

बिना प्रिंट लाईन के प्रकाशित नहीं हो सकेगी कोई भी सामग्री : श्री वर्मा 

मुरैना। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कोई भी ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण नहीं किया जा सकेगा। जिसमें उसके मुद्रक व प्रकाशक का नामए पता अंकित न हों तथा कोई भी मुद्रक बिना पहचान पत्र प्राप्त किए किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रदत्त सामग्री का मुद्रण नहीं कर सकेगा जिसका उपयोग विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार साहित्य के रूप में किया जाना हो। 

कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 127;कद्ध के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति ऐसी निर्वाचन पुस्तिका जिसके मुख्य पृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता न हो मुद्रित और प्रकाशित नहीं करेगा और न ही मुद्रित और प्रकाशित कराएगा। इसके लिए प्रकाशन कराने आए व्यक्ति का पहचान पत्र व दो अन्य व्यक्तियों की गवाही के आधार पर ही सामग्री का मुद्रण कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रेस मालिक मुद्रित कराने आई सामग्री का अपने  स्तर पर भी अध्ययन करें कि उस सामग्री में कोई भी ऐसी बात सम्मलित न की गई हो जो संविधान की मूल अवधारण के विरूद्ध हो और समाज में धर्मए जातिए भाषा या क्षेत्र के आधार पर द्वेष फैलाने वाली हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मुद्रक प्रकाशित सामग्री की एक प्रति अनिवार्य रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराऐगें तथा मुद्रित सामग्री की संख्या व प्रकाशित कराने वाले प्राप्त राशि के बारे में भी बताऐगें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लेन देन चेक के माध्यम से ही किया जाऐ जिसकी जानकारी भी निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जावे। उन्होंने कहा कि एक्ट के प्रावधानों का उल्लघंन करने की स्थिति में संबंधित मुद्रक के खिलाफ दो हजार रूपयें का जुर्माना या छः माह का कारावास या दोनों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सभी मुद्रकों से एक्ट के प्रावधानों का पूर्णताः पालन करने की अपेक्षा भी की।