देश में रिकवरी रेट 90.62 फीसदी…

त्योहारी मौसम में पांच राज्यों में बढ़े कोरोना के मामले

भारत में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अभी भी बरकरार है लेकिन आज स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट से राहत की खबर आई है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 36 हजार 469 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 488 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि जुलाई के बाद देश में पहली बार एक दिन में इतने कम मामले सामने आए हैं। 18 जुलाई को देश में 34 हजार 884 मामले सामने आए थे। 

देश में कोरोना वायरस की मृत्यु दर लगातार घट रही है और अब मृत्यु दर 1.5% हो गई है वहीं रिकवरी दर बढ़कर 90.62 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इसकी जानकारी दी। वहीं आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने देश में वैक्सीन के ट्रायल के  बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में तीन वैक्सीन की ट्रायल चल रही है। इनमें से कोवाक्सिन को फेज-3 ट्रायल की मंजूरी मिल गई है जबकि सीरम फेज-2 ट्रायल पूरा करने की कगार पर है। कैडिला दूसरे चरण में है।

कोरोना बुलेटिन की खास बातें -

78 फीसदी सक्रिय मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अब भी मौजूद हैं।

पिछले 24 घंटों में पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक) में 58% नई मौतें हुईं हैं।

त्योहार के दौरान, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में मामलों में वृद्धि हुई है।

1 लाख से 10 लाख तक रिकवरी रेट लाने में  जहां 57 दिन लगे थे, वहीं अब 13 दिन में 10 लाख लोगों को स्वस्थ हुए।

भारत में स्वस्थ होने वालों की संख्या 72 लाख से ज्यादा हो गई है। जो विश्व में सबसे अधिक है।

देश में 10 करोड़ से ज्यादा कोरोना टेस्ट कर लिए गए हैं।

भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 86 मौतें दर्ज की गई हैं वहीं भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 5700 मामले सामने आए हैं।

भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 75,600 से अधिक टेस्ट किए गए हैं।

पिछले 5 सप्ताह के औसत के आधार पर अभी भी प्रतिदिन 11 लाख टेस्ट किए जा रहे हैं।

देश में 17 वर्ष से कम आयु के वर्ग में केवल 8 फीसदी ही कोरोना पॉजिटिव हैं, वहीं 5 वर्ष से कम आयु में यह न के बराबर है।

कावासाकी बीमारी एक ऑटो-इम्यून बीमारी है जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है और यह भारत में न के बराबर है।

देश में तीन वैक्सीन पर परीक्षण चल रहा है। इनमें से कोवाक्सिन को तीसरे चरण की मंजूरी मिल गई है।

सीरम दूसरे चरण को पूरा करने की कगार पर है, वहीं कैडिला भी दूसरे चरण में हैं।

अध्ययन से पता चला है कि प्रदूषण वाले इलाके में कोरोना से अधिक  मौतें हुई हैं।

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि वैक्सीन पहुंचाने के लिए राज्य अपनी तैयारी दुरुस्त रखें।