नदियों में पनडुब्बियों डालकर…

थमने का नाम नहीं ले रहा है अवैध रेत उत्खनन

डबरा और भितरवार अनुवाद में रेत का अवैध उत्खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है और तो और देख ऑपरेट माफिया प्रशासनिक गारंटी के साथ नदियों में पनडुब्बियों डालकर नदी का पर्यावरणीय संतुलन बिगाड़ने में लगे हुए हैं सबसे बड़ी बात रेत कंपनी के पास घाटों पर उत्खनन करने की परमिशन भी नहीं है उसके बाद भी प्रशासनिक संरक्षण के चलते वह बंदूकों के दम पर अवैध उत्खनन करने में लगे हुए हैं जब हमारे संवाददाता ने मौके पर जाकर देखा तो स्थिति स्पष्ट हो गई कि किस प्रकार रेप ठेकेदार लोगों को कलेक्टर एसपी की गारंटी देकर अवैध उत्खनन करा रहे हैं ।

सुनिए रेत माफिया की जुबानी आपको बता देंकी  ग्वालियर जिले में  रेत का ठेका  एमपी सेल्स के पास है  जो डबरा और भितरवार में आने वाले रेत घाट रायपुर चांदपुर बैलगाड़ा  गजापुर बाबूपुर द्वारा लिधौरा लिधौरा जैतवारा कैथवाडा सिली वारकरी भैंस नारी बिजापुर और भितरवार के लोहारी घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कराने में जुटी हुई है सबसे बड़ी बात इस समय कंपनी पर गजा पर और बसई की घाट की दंपति परमिशन है पर वह सभी घाटों पर पनडुब्बियों के सहारे सहारे अवैध उत्खनन कराने में जुट गई है रेत माफियाओं का कहना है कि हमें कंपनी के माहेश्वरी और उम्मीद सिंह की तरफ से फुल गारंटी है कि कलेक्टर एसपी से बात है आप पनडुब्बियों डालकर अवैध उत्खनन करें ।

अब आप ही अंदाजा लगा सकते हैं कि जब वरिष्ठ अधिकारियों से सिस्टम बन चुका है तो निचले स्तर पर थाना प्रभारी क्या कार्रवाई करेंगे अब बात करें जिला कलेक्टर तो पहले रेट के सवाल पर विभागीय पर जब जोर देकर पूछा गया तो कह गए 2 दिन में अवैध उत्खनन बंद करा देंगे पर रेत ठेकेदारों के आश्वासन के बाद नदियों में बेखौफ होते रेत माफिया ग्रामीणों पर भी दबाव बनाने से नहीं चूक रहे अब देखना यह है कि अधिकारी कार्यवाही करते हैं या फिर रेत ठेकेदार ओके आश्वासन सही है पर इतना तो तय है कि यदि कार्रवाई नहीं होती तो समझ लेना चाहिए कि अधिकारियों के आर्थिक हित आड़े आ रहे हैं।