पीएम और सीएम की घोषणा के बाद भी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से...

पिछले 2 महीने से कंट्रोलों से गायब है चना या चना दाल 

प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी द्वारा कोविड- 19 महामारी के चलते यह घोषणा की गई थी कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से 5 महीने का प्रति व्यक्ति 5 किलो के हिसाब से राशन नमक 1 किलो दाल याचना नि:शुल्क दिया जाएगा यानी कि फ्री दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को गेहूं या चावल और नमक तो इन दुकानों से मिल रहा है लेकिन चना या दाल पिछले दो माह से उन्हें नहीं बांटा गया है।

वस्तुस्थिति जानने के लिए G.news24 ने कंट्रोल संचालकों से संपर्क किया तो उनका कहना है कि  चना आ ही नहीं रहा है तो कहां से उपभोक्ताओं को  दें।  ऐसे में अब सोचने वाली बात यह है कि जिस वस्तु की घोषणा प्रधानमंत्री ने स्वयं की हो और वह कंट्रोल तक ना पहुंचे ऐसा कैसे हो सकता है ?  और यदि वास्तव में चना या चना दाल उचित मूल्य की दुकानों तक ठेकेदार द्वारा नहीं पहुंचाया जा रहा है तो यह पता लगना भी स्वाभाविक है कि यह किसकी बद-नियति है, जो गरीबों के हक पर डाका डाल रहा है।

क्या कंट्रोल संचालक झूठ बोल रहे है ? या जो घोषणा की गई थी वह चुनावों को देखते हुए की गई थी। यदि ऐसा है तो यह गरीबों के साथ बहुत बड़ा मजाक है। उचित मूल्य की दुकानों से डालिया मिट्टी का तेल घर एपीएल उपभोक्ताओं को प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में जो इसके लिए जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय कहा कि जाना अति आवश्यक है। क्योंकि इस प्रकार की लापरवाही सरकार और शासन पर कई तरह के के ऊपर कई तरह के सवाल उठाने पर आमजन को मजबूर कर देती है और इससे शासन प्रशासन और सरकार की की छवि धूमिल होती है।