करीब 12 साल से अटका…

ग्वालियर में फिर शुरू होगा रोप-वे का काम

करीब 12 साल से अटके किले पर रोप-वे का निर्माण कार्य जल्द ही फिर से शुरू होगा। रोप-वे के अपर टर्मिनल के लिए अब जगह बदलने की जरूरत भी नहीं होगी। यह आदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख अभियंता एनपी मालवीय ने निगम आयुक्त संदीप माकिन को भेजा है। आदेश में निगमायुक्त को शीघ्र रोप-वे निर्माण का काम शुरू करने के लिए कहा गया है। दरअसल, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता को पत्र भेजकर रोप-वे निर्माण को शुरू करने के लिए कहा था। इसके बाद प्रमुख अभियंता ने काम को शुरू करने का आदेश दिया है। रोप-वे निर्माण को लेकर प्रमुख अभियंता ने एक टीम भेजकर निरीक्षण कराया था। 

टीम ने रिपोर्ट दी थी कि रोप-वे के अपर टर्मिनल के लिए खोदी जा रही नींव की वजह से किले की दीवार को नुकसान हो सकता है। इसके बाद प्रमुख अभियंता ने नगर निगम आयुक्त को आदेश देकर संबंधित कंपनी बालाजी दामोदर रोप-वे एंड इंफ्रा लिमिटेड को रोप-वे का काम बंद करने का फरमान सुना दिया था, लेकिन सांसद विवेक शेजवलकर ने इस मामले में नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर वास्तविक स्थिति की जानकारी दी। शहर के अतिमहत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल रोप-वे का निर्माण कार्य बार-बार बंद हो जाने से इसे 12 साल में भी नहीं बनाया जा सका है। करीब 12.5 करोड़ रुपए लागत के प्रोजेक्ट में अभी तक साढ़े चार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।


सांसद के पत्र की खास बातें -

ग्वालियर किले पर रोप-वे का काम 1 जनवरी 2019 से बंद है। जबकि एक साल बाद समिति ने निरीक्षण किया।

अपर टर्मिनल के टावर की फाउंडेशन का काम नगर निगम द्वारा स्वीकृत है। उसी अनुसार काम हो रहा था, तब भी दल ने निरीक्षण के दौरान उसका अवलोकन करना उचित नहीं समझा।

टावर के लिए नींव की खुदाई पूरी होने के साथ कांक्रीटिंग का काम काफी हो चुका था। अब वहां खुदाई होना ही नहीं है। ऐसे में किले की दीवार को नुकसान की संभावना नहीं है।

यह काम दीवार से 3 मीटर की दूरी पर किया जा रहा है। निरीक्षण दल द्वारा किसी गणना या तकनीकी आधार पर निरीक्षण किए बिना वैकल्पिक स्थान की बात कह दी गई।

रोप-वे का काम काफी दिनों से बंद पड़ा है। जबकि इसे तकनीकी आधार पर बंद करने की जरूरत नहीं थी। अब प्रमुख सचिव ने भी पत्र लिख दिया तो आयुक्त संबंधित कंपनी से जल्द से जल्द काम शुरू कराएं। इससे शहरवासियों को फायदा होगा। - विवेक शेजवलकर, सांसद