कलेक्टर ने डबरा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान दिए निर्देश…
संक्रमण की रोकथाम के लिये पूर्ण गंभीरता से कार्य करें : श्री सिंह

ग्वालियर। कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करें। जिन क्षेत्रों में पॉजिटिव प्रकरण आ रहे हैं उन क्षेत्रों को तत्काल कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर बेरीकेटिंग, सर्वे के साथ-साथ सप्लाई चैन की व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाना है। डबरा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राघवेन्द्र पाण्डे द्वारा कंटेनमेंट क्षेत्र में बेहतर व्यवस्थायें करने पर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने उन्हें बधाई दी है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह शुक्रवार को डबरा भ्रमण पर पहुँचे और कोविड-19 के तहत किए जा रहे प्रबंधनों की जानकारी लेकर कंटेनमेंट क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्र को भी कंटेनमेंट क्षेत्र के रूप में घोषित किया जाए वहाँ पर सभी व्यवस्थायें पुख्ता हों यह भी सुनिश्चित किया जाए। 

संक्रमण न फैले यह हमारी पहली प्राथमिकता है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निरीक्षण के दौरान यह भी कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ राजस्व प्रकरणों के निराकरण का भी कार्य अब तेजी के साथ किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सरकार शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन भी डबरा क्षेत्र में तेजी के साथ हो, यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में छोटा-छोटा व्यवसाय करने वाले व्यवसाइयों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात भी कही। 

शहरी क्षेत्र में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और सभी लोग मास्क पहनकर निकलें, यह भी सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरी करने वाले ऐसे श्रमिक जो अन्य प्रदेशों से अपने घर लौटे हैं उन्हें भी काम मिले, इसकी चिंता भी की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों में उन्हें रोजगार मिले, इसके लिये जनपद पंचायतों के माध्यम से व्यवस्थायें की जाना चाहिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया है कि क्षेत्र में किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कहीं पर भी नकली खाद-बीज का विक्रय न हो, इसके लिये विभागीय अधिकारी निरंतर निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान कहीं भी नकली खाद-बीज का विक्रय पाया जाए तो संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।