भाजपा में अब सिर्फ दो नेता महाराज और शिवराज !

मंच साझा करने वाली सूची से तमाम बड़े नेताओं के नाम गायब 

ग्वालियर । ज्योतिरादित्य सिंधिया के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान को लेकर सिंधिया समर्थको में भले ही उत्साह हो लेकिन भाजपा में घोर नाराजी है । यह पूरा आयोजन सिंधिया के इर्द गिर्द है और संभाग के अनेक पूर्व मंत्री और बड़े नेताओं की इससे दूरी रखी गई है लिहाजा वे और उनके समर्थक इससे खासे नाराज हैं। छह माह बाद और भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार ग्वालियर आने पर सिंधिया ने संभाग भर के समर्थको की भीड़ एकजुट कर भाजपा को ताकत दिखाई। आयोजन में श्री सिंधिया के अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा के अलावा ग्वालियर के सांसद शेजवलकर की मौजूदगी भी रही । 

लेकिन सूची में भाजपा के अनेक बड़े नेता और पूर्व मंत्रियो को दर किनार किया गया । संभाग से पूर्व मंत्री माया सिंह, अनूप मिश्रा ,नारायण सिंह कुशवाह, लाल सिंह आर्य और रुस्तम सिंह सहित अनेक बड़े नेताओं का नाम उस सूची में शामिल नही है जिनको सम्मानजनक तरीके से मंच पर मौजूद रहना है । इस बात का पता चलने पर वे और उनके समर्थक खासे उपेक्षित और नाराज है । भाजपा के ज्यादातर बड़े नेता पार्टी में दी जा रही अनावश्यक और अत्यधिक तबज्जो से भी नाराज है । हालांकि इनमे से कोई खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है । भाजपा नेताओ और कार्यकर्ताओं में उपज रही यह उपेक्षा उप चुनाव में परेशान कर सकती है । 


लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और फिर भाजपा में जाकर वापिस कांग्रेस में लौटने वाले दिवंगत माधव राव सिंधिया के बाल सखा और पीसीसी के उपाध्यक्ष बालेंदु शुक्ला का मानना है कि भाजपा को खड़ा करने वाले नेता अब अपने को असहज और उपेक्षित महसूस कर रहे है । उन्हें इस नए कार्यकाल में उपेक्षित रखा जा रहा है । वे स्वयं कहते है कि उनकी पार्टी अब सिर्फ महाराज और शिवराज की पार्टी बनकर रह गयी है और वे ऐसा नही होने देंगे । श्री शुक्ला ने कहा कि भाजपा को अपने कार्यकर्ता और नेताओं की उपेक्षा का खामियाजा उप चुनावों में भुगतना पड़ेगा । श्री शुक्ला ने कहाकि सिंधिया जी छह माह बाद अपने क्षेत्र में आ रहे है वह भी  कोरोना के कारण ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे लोगों के कंधे पर सहयोग का आश्वासन देने नही बल्कि अपनी सियासत चमकाने । ऐसे में जब ग्वालियर में कोरोना संक्रमण चरम पर है । हर रोज औसत 75 से सौ लोग संक्रमित हो रहे है ऐसे में हजारो लोगो की भीड़ जुटाना लोगो की जान जोखिम में डालना ही है ।