5 बैंकों के 14 कर्मचारी संक्रमित…
SBI की मुख्य शाखा 3 दिन के लिए हुई बंद

कम्युनिटी स्प्रेड से कोरोना संक्रमण अब बैंकों में पहुंच गया है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई महीने में ही सरकारी और निजी क्षेत्र के पांच बैंकों के 14 कर्मचारी पॉजिटिव निकल चुके हैं। एहतियात के लिए बैंक प्रबंधन को पॉजिटिव निकलने वाले कर्मचारी की तैनाती वाली बैंक शाखा को दो से तीन दिन के लिए बंद करना पड़ रहा है। इससे लोग लेन-देन संबंधी काम समय पर नहीं कर पा रहे हैं।  अभी तक निजी क्षेत्र की बैंक बंधन, इंडसइंड, आईडीबीआई का एक-एक कर्मचारी, सरकारी क्षेत्र के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सिटीसेंटर का एक, स्कैब महाराजबाड़ा के आठ, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया महाराजपुरा और जयेंद्रगंज के एक-एक कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं। 

बैंक प्रबंधन की गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी शाखा का कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आता है तो उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट आने और शाखा को सैनेटाइज करने तक संबंधित शाखा को बंद रखना है। हालांकि इससे जितने दिन शाखा बंद रहती है उससे सबसे अधिक दिक्कत खाताधारकों को हो रही है। बैंक प्रबंधन के अनुसार जो ग्राहक मास्क लगाकर आएंगे ट्रांजेक्शन करने के लिए उन्हें ही शाखा में प्रवेश दिया जाएगा। हर शाखा के प्रवेश द्वार पर सैनेटाइजर रखा गया है। 

इससे उन्हें अपनी हथेलियों को सैनेटाइज करना पड़ेगा। हर काउंटर के सामने एक रस्सी लगाई गई है। गोले बनाए गए हैं। इस रस्सी से बाहर और गोले के अंदर ग्राहक को खड़ा होना होगा। स्कैब के बाद अब महाराज बाड़ा मुख्य शाखा बुधवार तक के लिए बंद कर दी गई है। वहीं एटीएम के लिए कैश देने सोमवार को स्कैब खोल दी गई। इस दिन स्कैब से करीब 13 करोड़ का कैश दिया गया। इसलिए प्रबंधन, शाखा में तैनात सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवा रहा है। सोमवार को 25 कर्मचारियों का टेस्ट करवाया गया। सिटीसेंटर शाखा भी सोमवार से खोल दी गई। 

बैंकों में कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से बैंकिंग तो प्रभावित हो रही है। ग्राहकों को भी दिक्कत आ रही है। ऐसी स्थिति में सभी बैंकों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। हालांकि बैंक तो बंद नहीं किए जा सकते लेकिन प्रशासन से बैंकिंग की अवधि शाम चार बजे से घटाकर दोपहर दो बजे तक करने के लिए कहा जाएगा। - सुशील कुमार, लीड बैंक मैनेजर, ग्वालियर