कोरोना काल में भी...
ग़रीबों के अन्न पर डाका डालने से भी बाज नहीं आया कंट्रोल संचालक

हनुमान घाटी स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान क्रमांक 125, प्रियंका प्राथमिक उपभोक्ता भंडार (कोड क्र.405005) पर 15 मई को भारत शासन द्वारा प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को दाल चावल का वितरण किया जाना सुनिश्चित किया गया था।

योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड के माध्यम से राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य पर 10 किलोग्राम चावल व एक किलोग्राम चने की दाल वितरित किया जाना सुनिश्चित किया गया था लेकिन इस अन्न योजना को दुकान क्रमांक 125 प्रियंका प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के संचालक अशोक के द्वारा ही पलीता लगाया जा रहा था।

वह ग्राहकों को तय मात्रा से कम खाद्यान्न का वितरण करके घट तोली कर रहा था, इसके अलावा आधे से भी अधिक ग्राहकों को उसने चने की दाल देने से ही मना कर दिया, उसने अधिकतर ग्राहकों को यह कहते हुए लौटा दिया कि अभी दाल आई नहीं है, बाद में ले जाना।

दुकान संचालक की इस करतूत का पता जब स्थानी जनता के कुछ जागरूक लोगों को लगा तो उन्होंने इसकी शिकायत  जिम्मेदार अधिकारियों से की । शिकायत के बाद उसने कुछ लोगों को दाल बांटना आरंभ किया , लेकिन यहां भी वह अपनी करतूत से बाज नहीं आया और उसने ग्राहकों को 1 किलो ग्राम दाल के स्थान पर किसी को 700 ग्राम तो किसी को 800 ग्राम दाल देना आरंभ कर दिया। 

जब लोगों को दाल की मात्रा (वजन) पर कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने अन्य दुकान पर जाकर उस दाल को तुलवाया तब जाकर इस दुकानदार की पोल खुली । स्थानीय लोगों की शिकायत पर  जिला खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारी आर एस धाकरे ने मौके पर जाकर शिकायत की सत्यता की जांच करते हुए जब दुकानदार द्वारा गरीब बुजुर्ग महिला को दी गई दाल को अन्य दूसरी कंट्रोल की दुकान पर खुलवाया तो वह तय मात्रा से कम निकली इसी के आधार पर श्री धाकरे ने मौके पर ही दुकानदार पर कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनाकर केस बनाया। 

इसके अलावा कोविड स्कीम के तहत दिए जाने वाले 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल बांटे जाने की कहीं खबर नहीं है। इस घटना को देखकर तो यही लगता है की शासन के द्वारा आम जरूरत मंद जन के लिए चलाई जाने वाली स्कीमों को चंद लुटेरे घूसखोरो के साथ मिलकर किस प्रकार से पलीता लगाते हैं और वे ऐसे समय में भी जनता के अन्न जैसी जरूरत की मूलभूत चीजों पर भी डाका डालने से कतई गुरेज नहीं कर रहे हैं। 

कार्रवाई के दौरान मौजूद क्षेत्र के जागरूक नागरिकों के रूप में सुरेंद्र सिंह चौहान, संजय माहौर भीकम सिंह आदि ने दुकानदार के  द्वारा की जा रही इस करतूत की पुष्टि की।