मुंबई में रहकर दाऊद के लिए कर रहा था काम…
दाऊद इब्राहिम के सहयोगी बाबू सोलंकी को गुजरात ATS ने किया गिरफ्तार

गुजरात एटीएस ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथी शरीफ खान के लिए मुंबई में काम करने वाले बाबू सोलंकी को गिरफ्तार किया है. बाबू सोलंकी के खिलाफ गुजरात में पांच मामले दर्ज हैं. फ़िलहाल बाबू सोलंकी मुंबई में रहकर दाऊद के लिए काम कर रहा था. बाबू सोलंकी पर टाडा, आर्म्स एक्ट, नार्कोटिक्स के तहत कई मामले दर्ज हैं. साल 2006 में बाबू सोलंकी का नाम पहली बार धमकी देकर पैसे वसूलने के मामले में आया था. उस समय 10 करोड़ रुपये की वसूली का मामला बताया गया था.

दाउद से जुड़े तमाम मामले अक्सर सुर्खियों में रहते हैंं. पिछले साल अक्टूबर में बैंकाक की जेल में बंद सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा को वहां की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया. इसके बाद आईएसआई और दाऊद के लोग उसे बैंकाक से पाकिस्तान ले गए. बता दें कि साल 2000 में मुन्ना झिंगाड़ा ने बैंकाक में छोटा राजन पर हमला किया था. इसके बाद बैंकाक पुलिस ने उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया था.

काफी समय से भारतीय जांच एजेंसी और पाकिस्तानी जांच एजेंसी के बीच मुन्ना झिंगाड़ा की नागरिकता को लेकर बैंकाक की अदालत में कानूनी जंग चल रही थी, जिसमें भारत जीत गया था. लेकिन इसके बाद दाऊद के इशारे पर आईएसआई (ISI) ने अदालत में फिर से अपील की.

भारत के मोस्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद ने मुन्ना की खातिर पानी की तरह पैसा बहाया और फर्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर मुन्ना झिंगाड़ा को पाकिस्तानी नागरिक साबित करने की कोशिश की. इसके बाद अदालत ने सैयद मुद्दसर हुसैन उर्फ मुन्ना को पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया. इसके बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और डी कंपनी के लोग उसे बैंकाक से कराची ले गए.

इससे पहले बैंकाक की माहा छाई रोड़ पर बनी सबसे पुरानी और हाई सिक्योरिटी जेल में सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना को भारी सुरक्षा के बीच रखा गया था. उसे कैदी नम्बर 8 मिला था. उसे लेकर पिछले 2 साल से हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच बैंकाक की क्रिमिनल कोर्ट लट फारो में कानूनी जंग चल रही थी.