इस मंत्रिमंडल में 3 विधायकों समेत 2 सिंधिया खेमे के भी...

मध्यप्रदेश में पांच मंत्रियों ने ली मंत्रीपद की शपथ 


भोपाल l कोरोना संकट के बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के कैबिनेट का विस्तार हो गया है. इस कैबिनेट में पांच मंत्रियों ने मंत्रीपद की शपथ ली. इस मंत्रिमंडल में तीन विधायकों समेत 2 सिंधिया खेमे के भी हैं. सबसे पहले नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. इसके अलावा मीना सिंह, कमल पटेल और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में  सिंधिया खेमे के तुलसी राम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने शपथ ली.

नरोत्तम मिश्रा
1990 में पहली बार विधायक बने.
1998 में दूसरी बार विधायक चुने गए.
2003 में दतिया से ही तीसरी बार विधायक बने.
1 जून 2005 को बाबूलाल कैबिनेट में मंत्री बने.
4 दिसंबर 2005 को टीम शिवराज में भी मंत्री बनाया गया.
2009 और 2013 में भी कैबिनेट में शामिल किया गया.
स्वास्थ्य, जल संसाधन, जनसंपर्क जैसे कई अहम विभाग संभाले.
एमपी में तख्ता पलट करने में अहम भूमिका निभाई.

तुलसी सिलावट
सिंधिया खेमे का बड़ा चेहरा माने जाते हैं.
1985 में पहली बार विधायक बने.
2007 के उपचुनाव में दूसरी बार विधायक बने.
2008 में तीसरी बार विधायक बने.
2018 में चौथी बार विधायक बने.
2018 में कमलनाथ कैबिनेट में शामिल किए गए.
कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली.
कमलनाथ से नाराज होकर मंत्री और विधायक पद से इस्तीफा दिया.

गोविंद सिंह राजपूत
ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाते हैं.
2003 में पहली बार विधायक बने.
2008 में सुरखी से दूसरी बार विधायक बने.
2018 में तीसरी बार विधायक बने.
2018 में कमलनाथ कैबिनेट में शामिल किए गए.
कमलनाथ सरकार में परिवहन और राजस्व विभाग का जिम्मा मिला.
कमलनाथ से नाराज होकर मंत्री और विधायक पद से इस्तीफा दिया.

कमल पटेल
मध्य प्रदेश की हरदा विधानसभा सीट से विधायक हैं.
कमल पटेल ने हरदा सीट से 5 बार जीत हासिल की.
कमल पटेल ने 1993, 1998, 2003, 2008, 2018 में जीत हासिल की.
बीजेपी की बाबूलाल गौर सरकार में राज्य मंत्री का पद संभाला.
शिवराज सरकार में राजस्व मंत्री का पद संभाल चुके हैं कमल पटेल.
संघ के बेहद करीबी माने जाते हैं.

मीना सिंह
उमरिया की मानपुर सीट से विधायक हैं.
प्रदेश बीजेपी संगठन की करीबी हैं.
ST वर्ग का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं.
कैबिनेट में विंध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी.