सत्तर और अस्सी के दशक में कई फिल्मों में...

'रामायण' के 'मेघनाद' एक फिल्म से रातों रात हुए थे मशहूर


'रामायण' के पुन: प्रसारण को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। 33 साल बाद भी सीरियल बेहद लोकप्रिय हो रहा है। यही नहीं इसमें अभिनय करने वाले कलाकारों की फिर से चर्चा छिड़ गई है। आलम ये है कि कई अभिनेताओं ने तो अभी सोशल मीडिया पर डेब्यू किया जिससे वो फैंस से सीधे रूबरू हो सकें। उस दौर में 'रामायण' के सभी कलाकार बेहद मशहूर हो गए थे, इन्हीं में से एक अभिनेता थे विजय अरोड़ा जिन्होंने रावण के बेटे मेघनाद का किरदार निभाया था।

बीते दिनों प्रसारित एपिसोड में मेघनाद से जुड़ा प्रसंग दिखाया गया, ऐसे में चलिए आपको विजय अरोड़ा के बारे में कुछ अनसुनी बातें बताते हैं। 'रामायण' से पहले विजय अरोड़ा सत्तर और अस्सी के दशक में कई फिल्मों में मुख्य नायक से लेकर सह कलाकार की भूमिका निभा चुके थे। विजय अरोड़ा ने अपने अभिनय की इस कदर छाप छोड़ी थी कि उस दौर के सुपरस्टार राजेश खन्ना को भी एकबारगी डर सताने लगा था।

विजय अरोड़ा ने 1971 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ग्रेजुएशन किया था। उनकी पहली फिल्म 'जरूरत' (1972) थी। इस फिल्म में उनके साथ रीना रॉय थीं। रीना रॉय की भी ये पहली फिल्म थी। विजय अरोड़ा अभिनेत्री आशा पारेख के साथ 'राखी' और 'हथकड़ी' (1973) में नजर आए।

विजय अरोड़ा को असली लोकप्रियता मिली जीनत अमान के साथ फिल्म 'यादों की बरात' (1973) से। फिल्म का रोमांटिक हिट गाना 'चुरा लिया है तुमने' उन पर ही फिल्माया गया था। इसमें जीनत अमान उनके साथ थीं। गाने में चॉकलेटी चेहरे वाले विजय अरोड़ा का अंदाज देख लड़कियां उनकी दीवानी हो गई थीं। जबकि उस वक्त राजेश खन्ना सुपरस्टार हुआ करते थे ऐसे में उन्हें भी अपने स्टारडम की चिंता सताने लगी।

विजय ने 'फागुन', 'एक मुट्ठी आसमान', 'इंसाफ', 'रोटी', 'सरगम', 'नसीब', 'मेरी आवाज सुनो', 'सौतन', 'बड़े दिलवाला' और 'विश्वात्मा' जैसी फिल्मों में काम किया। विजय अरोड़ा टीवी सीरियल में काम नहीं करना चाहते थे लेकिन रामानंद सागर ने किसी तरह उन्हें मना लिया और मेघनाद इंद्रजीत का रोल दिया। विजय अरोड़ा ने साल 2007 में पेट के कैंसर के चलते 62 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।