ये वही टाटपट्टी बाखल के लोग हैं…

पुलिस के सबक सिखाने पर स्क्रीनिंग कराने चुपचाप सामने आए लोग


 इंदौर । टाटपट्टी बाखल में डॉक्टरों व मेडिकल टीम पर पथराव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के बाद शुक्रवार को इलाके का माहौल बदला हुआ था। वहां पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीम को सामने देख लोग चुपचाप स्क्रीनिंग करवा रहे थे। टीम में मौजूद डॉक्टरों के अनुसार उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा कि ये वही टाटपट्टी बाखल के लोग हैं, जहां दो दिन पहले हमारे साथ मारपीट हुई थी। सुबह 11 बजे से हम फील्ड पर हैं। 100 से ज्यादा लोग आकर स्क्रीनिंग करा चुके हैं।

टाटपट्टी बाखल, सिलावटपुरा, बियाबानी, समाजवाद नगर में स्क्रीनिंग कर रही मेडिकल टीम में शामिल डॉ. तृप्ति और डॉ.जाकिया सैयद ने बताया कि वे रैपिड रिस्पॉन्स टीम में शामिल हैं। जिन क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं, वहां जाकर रहवासियों की स्क्रीनिंग करते हैं। शुक्रवार को डॉ. तृप्ति और डॉ. जाकिया फिर टाटपट्टी बाखल पहुंचीं। डॉ. तृप्ति ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद कुछ लोग को संदिग्ध पाए गए। हमने उनसे खुद को क्वारंटाइन करने का कहा तो वे सहज ही तैयार हो गए।

आधा मिनट की देरी होती तो जान पर बन आती : टाटपट्टी बाखल में पथराव की घटना के दौरान हम वहां से निकलने में आधा मिनट की भी देरी करते तो हमारी जान पर बन आती। किसी को भी भान नहीं था कि एकाएक मारो-मारो की आवाजें आने लगीं और एक साथ कई युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। यह कहना है कि टाटपट्टी बाखल कोरोना संदिग्धों की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों का। अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य अमला एक कोरोना संदिग्ध की स्क्रीनिंग के लिए वहां गया था।

अमले के साथ तहसीलदार चरणजीतसिंह हुडा, एसएलआर अनिल मेहता, डॉक्टरों की टीम और कुछ सिपाही थे। एसएलआर मेहता बताते हैं कि एकाएक पथराव होने पर हम कुछ समझ ही नहीं पाए। सब अपनी-अपनी गाड़ियों की तरफ भागे। सबसे आगे पुलिस की गाड़ी थी। इसके बाद मेरी गाड़ी और फिर तहसीलदार की गाड़ी। हमने स्वास्थ्य अमले को अपने साथ गाड़ियों में बैठाया और जान बचाकर भागे।

बॉम्बे बाजार से दो परिवारों के 36 लोग क्वारंटाइन : स्वास्थ्य विभाग के अमले ने शुक्रवार को बॉम्बे बाजार और समाजवाद नगर से कुल 40 लोगों को क्वारंटाइन कराया। इनमें बॉम्बे बाजार के दो परिवारों के 36 लोगों को एक साथ क्वारंटाइन कराया। तहसीलदार हुडा ने बताया कि बॉम्बे बाजार में कोरोना से एक बुजुर्ग की मौत के बाद उनके परिवार के 24 लोगों को क्वारंटाइन कराया गया। जबकि यहां एक अन्य भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनके परिवार से भी 12 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया।

90 लोगों को किया क्वारंटाइन : इधर, आजाद नगर में 90 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। चार दिन पहले आजाद नगर के हुसैनी चौक का एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसका पता चलते ही उस परिवार के आसपास के ये 90 लोग दो घंटे में क्वारंटाइन हो गए। नहीं मिले कोरोना संक्रमण के लक्षण : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इंदौर में 59 लोगों की पहचान की गई है जिन्होंने तब्लीगी जमात कार्यक्रम में भाग लिया था। अभी उनमें से किसी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। सभी को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

टाटपट्टी बाखल मामले में इंदौर का कोई वकील आरोपितों की तरफ से पैरवी नहीं करेगा। यह निर्णय शुक्रवार को इंदौर अभिभाषक संघ की बैठक में सर्वानुमति से लिया गया। वाइस कांफ्रेंस के जरिए हुई इस बैठक में पदाधिकारियों ने टाटपट्टी बाखल में मेडिकल टीम पर हुए हमले की निंदा की। संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार वर्मा और सचिव कपिल बिरथरे ने कहा कि मानवता को बचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी अपना घर छोड़कर लोगों को बचाने में लगे हैं। टाटपट्टी बाखल जैसी घटनाएं दुर्भावनापूर्ण हैं और डॉक्टरों के मनोबल को तोड़ने का षड्यंत्र है। संघ का कोई सदस्य आरोपितों की तरफ से पैरवी नहीं करेगा।