ग्वालियर में शनिवार को 6 रिपोर्ट निगेटिव मिली...

जिले में प्रवेश करने वाले नागरिकों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा जायेगा  : कलेक्टर 


ग्वालियर। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये जिले में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित मरीजों की जांच के लिये निरंतर जांच के सेम्पल भेजे जा रहे हैं। ग्वालियर जिले की शनिवार 4 अप्रैल को 6 रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं। सभी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई हैं।

जिले में अब तक कुल 155 सेम्पल कोरोना जांच हेतु भेजे गए, जिनमें से 106 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्टों में 2 रिपोर्ट चेतकपुरी निवासी अभिषेक एवं बीएसएफ टेकनपुर के मनोज कुमार की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गईं थी, जिनका सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की स्थिति स्थिर है। इसके अतिरिक्त 6 सेम्पल में जांच आवश्यक नहीं पाई गई है। 41 सेम्पलों की जांच आना शेष है।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है। जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के उपरांत क्वारंटाइन सेंटर पर रखने की व्यवस्था की गई है। इन सेंटरों पर ठहरने, भोजन के साथ-साथ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण भी किया जा रहा है।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। जिले में मोतीमहल स्थित स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमाण्ड सेंटर को कंट्रोल रूम के रूप में स्थापित कर पूरे जिले में कार्रवाई पर निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम में संचालित वॉट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श निरंतर दिया जा रहा है। जिले के कुल 1017 कोरोना संदिग्धों को होम क्वारंटाइन किया गया है। इसके साथ ही 2960 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी कहा कि जिले के निवासियों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी होम डिलेवरी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधात्मक आदेशों का पुलिस विभाग के माध्यम से पालन सुनिश्चित किया गया है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संगठनों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों के माध्यम से जन सहयोग के रूप में जरूरतमंदों को भोजन एवं खाद्य सामग्री का वितरण भी निरंतर किया जा रहा है।

कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि लॉकडाउन के दौरान वे अपने घरों में ही रहें। इसके साथ ही अपने आस-पास के लोगों को भी घर पर ही रहने हेतु प्रेरित करें। आस-पड़ोस में रहने वाले पड़ोसी को सहयोग करें और आवश्यकता हो तो जिला स्तर पर स्थित कंट्रोल रूम को सूचित करें। कंट्रोल रूम पर प्राप्त सूचनाओं पर प्रशासन तत्परता से कार्रवाई करेगा।