डॉ. रघुवंशी कोरोना योद्धा के रूप में...

लोगों को बचाने में जुटे हैं जी-जान से 600 मरीजों के लिए सेम्पल 


कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण लोगों में न फैले, इसके लिये जिला चिकित्सालय मुरार में कार्यरत डॉ. अमित रघुवंशी एक योद्धा के रूप में एक माह से प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से शाम 7 बजे तक अपनी टीम के साथ कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिये जी-जान से जुटे हैं। इस कार्य में उनके सहयोगी कर्मचारियों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है।

डॉ. अमित रघुवंशी जिला चिकित्सालय मुरार में कोरोना वायरस से निपटने हेतु कोरोना के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिसमें मुख्य रूप से मरीजों की स्क्रीनिंग एवं सेम्पल लेकर इलाज कराने के कार्य में लैब टेक्नीशियन सहित चिकित्सालय का समस्त स्टाफ भी उन्हें पूर्ण सहयोग कर रहा है। डॉ. रघुवंशी ने बताया कि उनके द्वारा अभी तक 600 मरीजों के सेम्पल एवं लगभग साढ़े 4 हजार मरीजों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एक माह से प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से शाम 7 बजे तक मरीजों की जांच, स्क्रीनिंग एवं उपचार की व्यस्तता के दौरान परिवार की जिम्मेदारी भी ठीक ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं।

डॉ. रघुवंशी ने कहा कि मरीजों की सेवा करना उनकी पहली एवं सर्वोच्च प्राथमिकता है, परिवार बाद में है। इस कारण परिवार के लिये बहुत कम समय निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल से निकलने से पहले स्वयं को पूरा सेनेटाइज्ड कर घर पहुँचते हैं। घर पहुँचते ही बाहर सारे वस्त्र उतारकर अलग से नहाने के उपरांत सभी कपड़े धोकर सुखा देते हैं। यह नियम प्रतिदिन एक-डेढ़ माह से निरंतर जारी है। परिवार में सदस्यों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर खाना खाते हैं, उनसे चर्चा एवं सोते वक्त विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उनके परिजनों का उन्हें भरपूर सहयोग भी मिल रहा है। परिवार में रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं का भी इंतजाम परिवार के सदस्य कर लेते हैं। अतिआवश्यक वस्तुएं होने पर ही उन्हें बताया जाता है। इस कार्य में उनके सहयोगी कर्मचारियों के साथ मरीजों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है। मरीजों को कोरोना के संक्रमण से बचने की भी समझाइश दी जा रही है।