देश को नेता की नहीं, नायक की जरूरत : मोहन भागवत

समाज बदलने से ही देश बदलेगा...

देश को नेता की नहीं, नायक की जरूरत : मोहन भागवत


गुना. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हमें नेता की नहीं, नायक की जरूरत है। वह गुना में चल रहे तीन दिवसीय युवा संकल्प शिविर को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहाकि आज हर व्यक्ति सामने आकर नेता बनने का प्रयास करता है, यह ठीक नहीं है। कुछ लोग कभी सामने नहीं आते, लेकिन वह नींव के पत्थर का काम करते हुए देश हित में अपना जीवन लगा देते हैं। जब तक समाज नहीं बदलता, देश का भविष्य नहीं बदल सकता।

भागवत ने कहा कि आज हमें स्वयं कुछ न करते हुए, सब कुछ प्राप्त की अपेक्षा करने की गलत आदत लग गई है। यदि भवसागर से पार होना है तो केवल प्रार्थना से काम नहीं चलेगा, आपको सद्कर्म भी करने होंगे। इसी प्रकार यदि आप राष्ट्र का उत्थान चाहते हैं तो आपको इसके लिए प्रयास भी करने होंगे।

शिविर में आए सभी युवाओं को तीन विभिन्न टोलियों में बांटा गया। इसमें उन्होंने प्रतिभा प्रदर्शन शौर्य गीत एवं नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न विधाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

नुक्कड़ नाटक में सर्जिकल स्ट्राइक, जलियांवाला बाग जैसे ज्वलंत विषयों पर शिविरार्थियों द्वारा नाटक प्रस्तुत किए गए। प्रतिभा प्रदर्शन में युवाओं ने तात्कालिक भाषण मिमिक्री एवं अन्य विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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