5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा

टैक्स स्लैब में सरकार ने किया बदलाव...

 5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा


नई दिल्ली । जिस बजट का इंतजार था वो आज पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में किसानों, गांवों के लिए तो कुछ एलान किए लेकिन सबसे बड़ा एलान इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करके किया. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करके सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को राहत देने की कोशिश की. इसके अलावा भी कई बड़े एलान किए गए l.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब को लेकर बजट में बड़ा ऐलान किया है। 5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा। 7.5 से 10 लाख रुपये की कमाई तक 15 फीसदी टैक्स देना होगा। 10 से 12.5 लाख रुपये की कमाई तक 20 फीसदी टैक्स देना होगा। 12.5-15 लाख रुपये तक की कमाई तक 25 फीसदी टैक्स देना होगा।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब तक का सबसे लंबा भाषण दिया है। लगभग ढाई ढंटे के बाद उन्होंने बाकी भाषण सदन के पटल पर रख दिया। इससे पहले जसवंत सिंह ने 2003 में 2 घंटे 13 मिनट का भाषण दिया था।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कश्मीरी कविता का हिंदी अनुवाद सुनाया, ' हमारा वतन खिलते हुए सालीमार बाग जैसे, हमारा वतन डल में खिलते हुए कमल जैसा, नवजवनों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन, हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन।'

टैक्स स्लैब को लेकर बजट में बड़ा ऐलान किया है। 5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा। 7.5 से 10 लाख रुपये की कमाई तक 15 फीसदी टैक्स देना होगा। 10 से 12.5 लाख रुपये की कमाई तक 20 फीसदी टैक्स देना होगा। 12.5-15 लाख रुपये तक की कमाई तक 25 फीसदी टैक्स देना होगा।

वित्त मंत्री ने आज इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया है जिसके तहत 5 से 7.5 लाख रुपये तक की आय वालों पर पहले 20 फीसदी की दर से टैक्स लगता था उसे घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. साढ़े सात से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 फीसदी , 10-12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी और 12.5 से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25 फीसदी की दर से इनकम टैक्स का प्रस्ताव दिया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि 2022 तक सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके अलावा किसानों के लिए किसान रेल और किसान उड़ान योजना चलाने की बात कही गई है.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार आईपीओ के जरिए अपनी हिस्सेदारी कम करेगी. सरकार एलआईसी को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करेगी.

वित्त मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लिए 30 हजार 757 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. लद्दाख के लिए 5 हजार 958 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.8 फीसदी रहेगा. वहीं वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा 3.5 फीसदी पर आने का अनुमान दिया गया है.

तेजस जैसी 150 ट्रेनों को पीपीपी मॉडल के जरिए प्राइवेट हाथों के जरिए चलाया जाएगा. 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफकेशन किया जाएगा.

इंफ्रास्ट्रक्टचर पर अगले 5 सालों में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इसके तहत हाउसिंग, रेलवे, हेल्थकेयर, सिंचाई और स्वच्छ पानी के क्षेत्रों में निवेश होगा.

मिशन इंद्रधनुष के तहत 12 नई बीमारियों को जोड़ा गया है. 2025 तक टीबी को देश से खत्म करने की योजना है.

बैंक में जमा पैसे पर सुरक्षा को सरकार ने बढ़ा दिया है. अब बैंक डूबने पर 1 लाख की जगह 5 लाख रुपये तक की रकम मिलने का प्रावधान किया गया है. पहले बैंक डूबने पर 1 लाख रुपये तक की रकम वापस मिल सकती थी जिसे 5 गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

नई योजना के तहत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और लोगों को अपनी बिजली कंपनी चुनने की आजादी होगी. डिस्कॉम में बदलाव के लिए 22,000 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है.

इतिहास के सबसे लंबे 2 घंटे 41 मिनट के बजट भाषण की 10 अहम बातें

1. 45 साल में बेरोजगारी शीर्ष पर, फिर भी बजट में रोजगार-नौकरी का 13 बार जिक्र।
2. सरकार ने अगले साल के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ प्रोजेक्शन 10% रखा। इस साल के 12% से भी कम।
3. 45 लाख रुपए तक का घर खरीदने पर होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट एक साल                  बढ़ाई।
4. हिस्सेदारी बेचने की फेहरिस्त में अब एलआईसी भी, इसमें सरकार अपने कुछ शेयर्स आईपीओ के जरिए            बेचेगी। आईडीबीआई में बची हुई 46% हिस्सेदारी भी बेचेगी।
5. आधार के जरिए आवेदन करने पर पैन तुरंत ऑनलाइन अलॉट होगा।
6. बिजली के स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगेंगे, उपभोक्ता अपनी पसंद का सप्लायर और रेट चुन सकेंगे।
7. बैंक डूबी तो आपकी 5 लाख रुपए तक की जमा राशि पर आंच नहीं आएगी। अब तक सिर्फ एक लाख का            बीमा था।
8. हर जिला अस्पताल से एक मेडिकल कॉलेज जुड़ेगा।
9. फ्रेश इंजीनियरों को शहरी निकायों में एक साल इंटर्नशिप मिलेगी।
10. 1 लाख ग्राम पंचायतों तक इंटरनेट कनेक्टविटी पहुंचेगी।

बजट 2020-21 पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत के सामने आज मुख्य मुद्दा बेरोज़गारी और अर्थव्यवस्था की हालत है। इसपर कोई केंद्रीय ठोस रणनीतिक योजना इस बजट में नहीं थी। इतिहास में सबसे लंबा बजट था, परन्तु उसमें कुछ था नहीं, खोखला था।
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