G News 24 : 'पद आज है,कल नहीं… आचरण नहीं बदला तो इतिहास माफ नहीं करेगा’

 बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नेताओं को दो टूक नसीहत...

'पद आज है,कल नहीं… आचरण नहीं बदला तो इतिहास माफ नहीं करेगा’

इंदौर। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पद के साथ आचरण की अहमियत याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज कोई अध्यक्ष है, मंत्री है या विधायक, लेकिन पद स्थायी नहीं है। पद से पहले भी जीवन था और पद के बाद भी रहेगा। इसलिए जिम्मेदारी मिलने पर अहंकार करने के बजाय विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने चेताया कि आचरण नहीं बदला और पुराने कार्यकर्ताओं के त्याग को भुलाया, तो इतिहास माफ नहीं करेगा।

पुराने कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत हुआ संगठन

खंडेलवाल ने पार्टी के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि एक दौर ऐसा था, जब मंडल में दो कार्यकर्ता जुटाना भी मुश्किल होता था। आज हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम खड़ी है। यह बदलाव वर्षों की मेहनत, संघर्ष और समर्पण का नतीजा है। उन्होंने नेताओं को याद दिलाया कि संगठन की मौजूदा मजबूती के पीछे उन कार्यकर्ताओं की तपस्या है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। उनके योगदान को नजरअंदाज करना संगठन के प्रति अन्याय होगा।

पद नहीं, व्यवहार बनाता है पहचान

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक पद हमेशा किसी के पास नहीं रहता, लेकिन व्यक्ति का व्यवहार उसकी पहचान बनता है। नेताओं को उन लोगों का सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने संगठन को खड़ा करने में अपना समय और ऊर्जा लगाई। पद मिलने के बाद पुराने साथियों से दूरी बनाना या उनके योगदान को भूल जाना उचित नहीं है।

नई पीढ़ी याद रखेगी संघर्ष

खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं के समर्पण को भविष्य की पीढ़ियों से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले 50 वर्षों में नई पीढ़ी उन लोगों को सम्मान से याद करेगी, जिन्होंने देश को सुरक्षित और आतंकवाद मुक्त बनाने वाली विचारधारा का झंडा उठाया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के योगदान की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सम्मान से करते हुए संगठन के प्रति निष्ठा बनाए रखने का संदेश दिया।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नसीहत का सार यही रहा कि पद को स्थायी उपलब्धि न समझें। संगठन की ताकत जमीनी कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण से बनती है। नेताओं का दायित्व है कि वे अहंकार से दूर रहें, पुराने साथियों का सम्मान करें और अपने आचरण से पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता साबित करें।

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