शीतला माता मंदिर दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, 7 दिन में पेश करनी होगी रिपोर्ट...
शीतला माता मंदिर हादसे पर मंदिर समिति को आतंकी हमले की साजिश का शक !
ग्वालियर। शीतला माता मंदिर में शनिवार रात करीब 1:30 बजे धान से भरा ट्रक दर्शन की कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। 15 लोगों की मौत हुई और 40 से ज्यादा घायल हैं। अब मंदिर समिति हादसे में आतंकी साजिश की आशंका जता रही है। पुलिस ब्रेक, शराब और गूगल मैप की बात कर रही है। परिजन पूछ रहे हैं कि ट्रक वहां पहुंचा कैसे।
मंदिर समिति को आतंकी हमले का शक
समिति अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर ने धार्मिक आयोजन को जानबूझकर निशाना बनाए जाने की आशंका जताई है और एसआईटी जांच की मांग की है। लेकिन उन्होंने इसे सिर्फ संभावना कहा है और कोई सबूत नहीं दिया है। पुलिस या प्रशासन ने साजिश की बात नहीं कही है। चेकिंग पॉइंट और रोक के बावजूद दोनों ट्रक आगे निकल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक बेकाबू ट्रक रास्ते में लगे चार स्टॉपर तोड़ता हुआ मंदिर परिसर में घुसा। आयोजकों के मुताबिक रात 1 बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालु आ चुके थे। हादसे के बाद ड्राइवर और मालिक ट्रक से कूदकर भाग गए। दोनों को राजस्थान के धौलपुर से हिरासत में लिया गया।
शीतला माता मंदिर दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, 7 दिन में पेश करनी होगी रिपोर्ट
शीतला माता मंदिर परिसर में भीषण सड़क दुर्घटना की मजिस्ट्रिल जांच शुरू हो गयी है। कलेक्टर रूचिका चौहान ने जांच का दायित्व एडीएम सीबीप्रसाद को सौंपा है। उन्हें 7 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। बुधवार से घटना से अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किये। जांच में यह भी पता लगाया जायेगा कि प्रतिबंधित रास्ते पर भारी ट्रक कैसे पहुंचे। उन्हें प्रवेश किसने दिया और घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था के लिये किसकी तैनाती थी। हादसे में अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 41 लोग घायल है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कार्यवाही की जा सकती है।
बैरिकेडिंग की भी जांच होगी
मजिस्ट्रियल जांच के लिये घटना के कई अहम बिंदु तय किये गये है। इनमें दुर्घटना की मूल वजह, चीनौर घाटी की तरफ से भारी ट्रकों के मंदिर मार्ग तक पहुंचने की परिस्थितियां और प्रवेश की अनुमति देने वालों की भूमिका शामिल है। जांच अधिकारी यह भी पता लगायेंगे कि घटना के वक्त मौके पर कितने पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी तैनात थे। किस की कहां ड्यूटी थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिये कितने बल की तैनाती की गयी थी।
17 अक्टूबर की रात बेकाबू ट्रक ने 57 लोगों को कुचला
ग्वालियर के सातऊ गांव की पहाड़ियों के बीच स्थित मां शीतला मंदिर में 17 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे हादसा हुआ था। सप्तमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से ढलान पर दो भारी ट्रक आए। बताया गया है कि एक ट्रक के चालक ने ढलान पर वाहन रोक लिया, लेकिन दूसरा चालक ट्रक को नियंत्रित नहीं कर सका।
हादसे के बाद की व्यवस्था पर भी सवाल...
गंभीर घायलों को एंबुलेंस की जगह एक लोडिंग वाहन से ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
ट्रक के नीचे फंसे लोगों को निकालने में पास की खदान की मशीनें काम आईं।
एक किशोर की मां का आरोप है कि बेटा सांस ले रहा था,फिर भी उसे इलाज के लिए ले जाने नहीं दिया गया।
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि आरोपों की जांच हो रही है।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख, गंभीर घायलों को 2-2 लाख और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री राहत कोष से भी सहायता दी जा रही है। परिजन 25 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं।




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