G News 24 : धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता,राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को रद्द करने कर रहे हैं मांग !

 फिर से सुर्खियों में है उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड...

धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता,राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को रद्द करने कर रहे हैं मांग !

नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मुलाकात की। बुधवार शाम इंडिया गेट पर पहुंचे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी करीब एक घंटे तक अंकिता के माता-पिता के साथ रहे और उनकी मांगों को सुना। परिवार लंबे समय से मांग कर रहा है कि अंकिता मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर रोक लगाई जाए और उनकी नियुक्ति रद्द की जाए।

अंकिता भंडारी के माता-पिता का कहना है कि बेटी की हत्या के मामले में जांच पूरी होने से पहले दुष्यंत कुमार गौतम को संवैधानिक पद की जिम्मेदारी दिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को बनाया गया सिक्किम का राज्यपाल

केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। इसके बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट के पास विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

परिवार की प्रमुख मांग है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार का आरोप है कि मामले से जुड़े सवालों का अब तक पूरी तरह जवाब नहीं मिला है।

हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम पहले ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने इस मामले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को साजिश बताते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था।

अंकिता के परिवार का कहना है कि वह रिजॉर्ट में काम करती थीं और वहां आने वाले एक वीआईपी को कथित तौर पर विशेष सेवा देने से इनकार करने के बाद उनकी हत्या की गई। हालांकि, इस कथित वीआईपी की पहचान को लेकर अब तक विवाद बना हुआ है।

अंकिता हत्याकांड में मुख्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई और मामले की जांच आगे बढ़ी। इसी दौरान दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चाओं में आया। गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया।

गौतम ने दर्ज कराई थी एफआईआर

अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद दुष्यंत कुमार गौतम ने देहरादून के डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर, अभिनेत्री उर्मिला सनावर और अन्य अज्ञात लोगों ने उनके खिलाफ सुनियोजित आपराधिक साजिश रची।

गौतम का कहना था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और राजनीतिक साजिश के तहत उनका नाम इस मामले से जोड़ा गया। इसके बावजूद अंकिता के माता-पिता लगातार इस मामले की निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

मां बोलीं- नियुक्ति रद्द होने तक जारी रहेगा विरोध

अंकिता भंडारी की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो घर पर भी भूख हड़ताल करेंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति निरस्त करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो देशभर की जनता सड़कों पर उतर सकती है। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होने की बात कही।

परिवार का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि बेटी को न्याय दिलाने और मामले में उठ रहे सवालों के जवाब पाने के लिए है।

राहुल गांधी ने हिरासत में लिए जाने पर उठाए सवाल

अंकिता के माता-पिता को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने की घटना पर राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा था।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि रात करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि परिवार इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक बैठकर केवल यह मांग कर रहा था कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।

राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जांच का नतीजा आने से पहले नियुक्ति करने की जल्दबाजी और सवाल पूछने वाले माता-पिता को रात में हिरासत में लिया जाना गंभीर विषय है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल पूछने वालों को हटाने का काम कर रही है।

प्रियंका गांधी भी रहीं साथ

राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचीं। दोनों नेताओं ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। मुलाकात के दौरान परिवार ने अपनी मांगों और अब तक की कार्रवाई को लेकर अपनी चिंताएं नेताओं के सामने रखीं।

कांग्रेस ने इस मामले में अंकिता के परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि परिवार को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाई जाती रहेगी।

राहुल बोले- न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी

राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को न्याय मिलना चाहिए और उनकी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस परिवार के साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।” राहुल गांधी ने कहा कि जब तक अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस उनके साथ रहेगी।

परिवार ने राष्ट्रपति से भी की अपील

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

परिवार का तर्क है कि मामले से जुड़े सवालों का समाधान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की जा रही है।

अंकिता हत्याकांड फिर बना राजनीतिक मुद्दा

दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद करीब चार साल पुराने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। परिवार के विरोध प्रदर्शन और राहुल-प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

एक तरफ अंकिता के माता-पिता अपनी मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ दुष्यंत कुमार गौतम अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं और इसे साजिश बता चुके हैं।

अब परिवार की मांग, सीबीआई जांच और राज्यपाल नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच इस मामले पर आगे की स्थिति पर सबकी नजर है। कांग्रेस ने परिवार के समर्थन का ऐलान किया है, जबकि अंकिता के माता-पिता का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Reactions

Post a Comment

0 Comments