CJP के साथ तमाम दिमागी नक्सली हुए एक जुट ...
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को SP, TMC,APP, लेफ्ट और सिविल सोसाइटी का समर्थन मिला है !
झूठ के सहारे फिजूल के मुद्दे उठाकर देश को आरजकता की ओर धकेलने में लगे कॉकरोच अब मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने जा रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को कई दलों का साथ मिला है. इनके इस कृत्य का साथ तमाम दिमागी नक्सली एक जुट होकर साथ दे रहे हैं। इनके प्रदर्शन में CPM, CPI, CPI-ML, RSP, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस शामिल होगी. हालांकि कांग्रेस ने दूरी बनाई हुई है. वो लगातार इंडिया गठबंधन के साथ सड़कों पर है.
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वो परिवार के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इशारों में समर्थन का ऐलान किया है.
अखिलेश यादव ने बोले
ये प्रोटेस्ट ''किसी के रोके नहीं रुकेगा. अब दिल्ली में देश जुटेगा! हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं. भाजपा सरकार अगर समझ रही है कि वो ताक़त के बल पर जनता को रोक लेगी तो ये उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी. ‘जंतर-मंतर’ अब एक जगह का नाम नहीं, एक नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। अगर सरकार ने आंदोलनकारियों को रोका तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा. माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख़्तरबंद, पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमख़म, यहां हौसलों की भी तैयारी है चाकचौबंद, हैं साथ सब, मानकर इसको अंतिम जंग.''
इसके अलावा सिविल सोसाइटी लोग इसे समर्थन दे रहे हैं. योगेंद्र यादव ने आज ही एक्स पोस्ट में कहा, ''10 अक्टूबर | दिल्ली चलो! मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें. SIR रद्द करो. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा 2023 का कानून रद्द करो.'' आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
प्रशांत भूषण ने क्या कहा?
वकील प्रशांत भूषण ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ एक प्रोटेस्ट होगा. इसमें सभी साथियों को आने की कोशिश करनी चाहिए. दिल्ली पुलिस अगर जबरदस्ती रोकती है, तो जहां रोकती है आप वहीं बैठ जाइए, और वहीं से अपना प्रोटेस्ट जारी रखिए. ये हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. इसमें सब को जुडने की जरूरत है.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और गुरुनाम सिंह चढूनी ने भी सीजेपी को समर्थन दिया है. इसके लिए सीजेपी ने एक्स पोस्ट में उन्हें थैंक्यू कहा है.
बता दें कि बीजेपी के नेता लगातार सीजेपी पर आरोप लगाते रहे हैं कि सीजेपी आम आदमी पार्टी की बी टीम है और उसके ही इशारों पर काम कर रही है.
दिल्ली में सख्ती?
दिल्ली में प्रोटेस्ट के लिए सीजेपी के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका मुंबई से रवाना हो गए हैं. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास धारा 163 लागू है. 23 हजार से अधिक जवानों की दिल्ली में तैनाती की गई है. 45 मेट्रो स्टेशन बंद हैं. नई दिल्ली और निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द हैं.




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