प्राधिकरण अध्यक्ष व उपाध्यक्षों में पावर गेम चल रहा है,अध्यक्षों ने उपाध्यक्षों का पावर लेस कर रखा...
बेकद्री से आहत हैं मेवाफरोश,उन्हें ना कक्ष,ना वाहन और ना कोई फाइल पहुंच रही है उनके पास !
ग्वालियर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में नामित किये प्राधिकरण अध्यक्ष व उपाध्यक्षों में पावर गेम चल रहा है। अध्यक्षों ने उपाध्यक्षों का पावर लेस कर रखा है, कोई काम भी नहीं दिया है और ना ही देने की योजना हैं। जिस कारण प्रदेशभर के कई प्राधिकरणों व निगमों के उपाध्यक्ष व संचालक बेहद नाराज है और पद भी छोड़ सकते है। कई उपाध्यक्षों ने भाजपा आलाकमान, संगठन व संघ तक को अपनी परेशानी बताई है, जो अपने नेताओं के खेमों से जुड़े है उन्होंने वहां भी अपना दुखड़ा रोया है।
ग्वालियर में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हरीश मेवाफरोश की भी यहीं स्थिति हैं। संघ व भाजपा के इस सक्रिय मेहनती कार्यकर्ता को उपाध्यक्ष तो राज्य सरकार ने गजट नोटिफिकेशन करके बना दिया है लेकिन उन्हें अध्यक्ष महोदय की ओर से अधिकार नहीं मिले है। अधिकार की क्या बात करें, आफिस व चार पहिया वाहन की जो सुविधा मिलती है प्रोटोकाल में वह भी नहीं दी गई है और न ही उन्हें कोई साडा की बैठक में बुलाया जा रहा है।
वे पूरी तरह से अनजान है कि आखिर साडा में हो क्या रहा हैं। विशेष बात यह है कि भाजपा आलाकमान से जुड़े भाजपा नेता, संगठन मंत्री व संघ के पदाधिकारी जो हरीश मेवाफरोश पर खुलकर भरोसा करते है, जिस हरीश मेवाफरोश को देशभर के विभिन्न 17 राज्यों में हुये चुनावों में अहम जिम्मेदारी देकर भेजा गया हो, उसको ही साडा में उपेक्षित कर दिया गया हैं।
अपनी बेकद्री से साडा उपाध्यक्ष हरीश मेवाफरोश का मन खट्टा हो गया है और वह पद भी छोड़ सकते हैं। इसकी भनक उन्होंने आलाकमान के कई प्रमुख नेताओं को भी दे दी है। कुल मिलाकर साडा उपाध्यक्ष हरीश मेवाफरोश से इस संदर्भ में जब पूछा गया तो उन्होंने इतना जरूर स्वीकार किया कि ना तो मुझे आफिस कक्ष दिया गया है और ना वाहन। ना ही कोई आफिस बाय या कर्मचारी। मैं ऐसी उपाध्यक्षी का क्या करूं। मेरे पास आज तक कोई फाइल अवलोकन तक को नहीं आई है।



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