नितेश राणे ने राहुल गांधी के हालिया संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को पर दी तीखी प्रतिक्रिया...
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्रों की आवाज उठाने का मंच नहीं,बल्कि “शरिया की गूंज” बन गया है: श्रीराणे
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे सनातन हिंदू धर्म पर बोलने का साहस दिखाते हैं, तो उन्हें कुरान पर भी भाषण देना चाहिए। उनका आरोप है कि जब भी किसी को ज्ञान या सलाह देने की बात आती है, तो निशाना अक्सर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को ही बनाया जाता है।
राणे ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह छात्रों की आवाज उठाने का मंच नहीं, बल्कि “शरिया की गूंज” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के जरिए हिंदू धर्म के खिलाफ बातें, मनुस्मृति पर टिप्पणी और हिजाब पहनने वाली महिलाओं के समर्थन में एक खास नैरेटिव को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए राणे ने “चाइनीज-मॉडल हिंदू” जैसी टिप्पणी भी की और कहा कि अगर राहुल गांधी को हिजाब और शरिया जैसे मुद्दों पर ही बात करनी है, तो उन्हें उर्दू स्कूल या मदरसे में जाकर भाषण देना चाहिए।



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