G NEWS 24 : अन्य देश भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों से जलते हैं : अमेरिकी राजदूत

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के संकेत दिए...

अन्य देश भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों से जलते हैं : अमेरिकी राजदूत

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों की गहरी होती साझेदारी पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देश भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों से जलते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिन वैश्विक नेताओं से मिलना चाहते हैं, उस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टॉप पर हैं. इंडिया टुडे को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रक्षा, व्यापार, कूटनीति और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठकों के बढ़ते दायरे पर विस्तार से बात की है. 

सर्जियो गोर का कहना है कि फ्लोरिडा में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिन नेताओं से मिलना चाहते हैं, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी पहली पसंद होंगे. राजदूत ने कहा, 'अगर आप राष्ट्रपति से पूछें कि सम्मेलन में 35 नेता आ रहे हैं, आप किससे मिलना चाहते हैं? तो उस सूची में सबसे पहला नाम प्रधानमंत्री मोदी का होगा.' उन्होंने आगे जोड़ा, 'चूंकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को अपना मित्र मानते हैं, इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि फ्लोरिडा यात्रा केवल एक बहुपक्षीय ग्रुप मीटिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उससे कहीं आगे जाएगी.' गोर ने अगले साल डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे की संभावनाओं के भी संकेत दिए. 

उन्होंने कहा, 'जब भी मेरी उनसे (ट्रंप से) बात होती है, वह अपनी 2020 की भारत यात्रा, यहां के शानदार लोगों और अपने खास दोस्त प्रधानमंत्री मोदी को बेहद गर्मजोशी से याद करते हैं.' सर्जियो गोर के मुताबिक भारत और अमेरिका एक बड़े व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले के बाद ट्रेड डील पर दोबारा काम चल रहा है, लेकिन हम इसके बहुत करीब हैं.' वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 240 अरब डॉलर का व्यापार होता है, जिसे पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. 

गोर को उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में यह डील फाइनल हो सकती है. गोर के अनुसार, यूरोपीय संघ जैसी 20 साल लंबी देरी की तुलना में भारत-अमेरिका बातचीत काफी तेज गति से आगे बढ़ी है. सर्जियो गोर ने भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता कायम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'भारत का आगे बढ़ना हमारे लिए बेहतरीन है. हम एक स्थिर भारत चाहते हैं और एक स्थिर भारत के साथ ही काम करना चाहते हैं.' उन्होंने दोनों देशों के बीच हो रहे निवेश का जिक्र करते हुए बताया कि भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका में 24 अरब डॉलर का नया निवेश सुरक्षित करने में मदद की है. 

वहीं दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, डेटा सेंटर, एआई (AI) सेंटर और फार्मास्यूटिकल कंपनियां भारत में अपने संचालन का तेजी से विस्तार कर रही हैं. सर्जियो गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के रक्षा संबंध केवल हथियारों के सौदे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गहरे आपसी भरोसे पर आधारित हैं. उन्होंने रक्षा संबंधों को लेकर कहा, 'हमारा रक्षा संबंध केवल बिक्री का नहीं है, यह भरोसे का भी मामला है. अमेरिका हर किसी देश को सैन्य उपकरण नहीं बेचता.' उन्होंने जेवलिन मिसाइल प्रोजेक्ट, अपाचे हेलिकॉप्टर की डिलीवरी और अन्य सैन्य उपकरणों पर जारी बातचीत का हवाला दिया. 

साथ ही कहा कि भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज्यादा संयुक्त सैन्य अभ्यास अमेरिका के साथ करता है. सर्जियो गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच शीर्ष नेताओं और मंत्रियों के दौरों का सिलसिला अब और तेज होने वाला है. उन्होंने पुष्टि की कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्टूबर में दोबारा भारत आएंगे. उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुर्लभ है कि कोई विदेश मंत्री इतने कम समय में दो बार किसी देश का दौरा करे. मेरा संदेश बिल्कुल साफ था अब इसकी आदत डाल लीजिए.' गोर ने बताया कि कई अन्य अमेरिकी कैबिनेट मंत्रियों के दौरे भी तय हो रहे हैं और साल के अंत से पहले अमेरिका के तीन बड़े राज्यों के गवर्नर भारत आएंगे. 

वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर भी अगले चार महीनों में संयुक्त राष्ट्र और जी-20 सहित तीन बार अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं. गोर ने कहा, 'आंकड़े झूठ नहीं बोलते, रिश्ते लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं.' डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर के अनुसार, अमेरिका 'क्वाड' नेताओं के आगामी शिखर सम्मेलन को लेकर पूरी तरह गंभीर और उत्सुक है. उन्होंने बताया, 'क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग का अहम केंद्र है. यह ऐसे साझेदारों का मंच है जो एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं. 

चारों देश मानवीय सहायता, आपदा राहत, सैन्य तालमेल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और क्रिटिकल मिनरल्स पर मिलकर काम कर रहे हैं.' सिडनी में होने वाली अगली क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक में मार्को रुबियो के शामिल होने की उम्मीद है. इसके साथ ही इस साल के अंत में क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी चल रही है. गोर ने कहा, 'अमेरिका नेताओं के शिखर सम्मेलन को लेकर बेहद उत्सुक है. चारों नेता नियमित रूप से एक-दूसरे से बात करते हैं. अब अगला स्वाभाविक कदम यही है कि सभी एक मेज पर साथ बैठें.'

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