हर साल 365 हाई-कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर बनेंगे, 2 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार...
सीहोर में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट !
मध्यप्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर सीहोर ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। यहां महज 13 महीने में तैयार हुई सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में उत्पादन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट की शुरुआत की। करीब 888 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस इकाई में हर साल 365 ट्रांसफॉर्मर बनाए जाएंगे और करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। कंपनी की नई यूनिट में 220 केवी से लेकर 1200 केवी तक के हाई-कैपेसिटी पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। हर महीने करीब 35 ट्रांसफॉर्मर बनाने की क्षमता वाली यह यूनिट देश की बिजली और ट्रांसमिशन जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां बनने वाले ट्रांसफॉर्मर बिजली परियोजनाओं के अलावा रेलवे, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, तेल-गैस और बड़े ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में इस्तेमाल होंगे।
इस परियोजना की खास बात इसकी रफ्तार है। अगस्त 2025 में यूनिट का भूमि-पूजन हुआ था और करीब 13 महीने में ही यहां उत्पादन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण प्रदेश में बड़ी कंपनियों के बीच निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल बन रहा है। सीजी पावर के सीईओ अमर कौल के मुताबिक, यूनिट में हर महीने करीब 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। इनमें से कई ट्रांसफॉर्मर आकार में तीन मंजिला मकान जितने बड़े होंगे। कंपनी ने उत्पादन के लिए आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया है। यूनिट में हाई-कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर की गुणवत्ता जांच के लिए बड़ी टेस्टिंग लैब भी तैयार की गई है। नई यूनिट में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यूनिट की कुल बिजली जरूरत का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा सोलर एनर्जी से पूरा करने की योजना है। इससे उत्पादन के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी स्वच्छ विकल्प को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सीहोर अब भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा बन चुका है और आने वाले समय में इसका फायदा क्षेत्र को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक विभिन्न उत्पादों का निर्माण हो रहा है। औद्योगिक इकाइयों के आने से केवल उत्पादन नहीं बढ़ता, बल्कि रोजगार, टैक्स कलेक्शन और आसपास के कारोबार को भी गति मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छोटे और बड़े सभी निवेशकों को सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रदेश में कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का काम शुरू हुआ है। यह प्रदेश में निवेश के बढ़ते भरोसे का संकेत है। मुख्यमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत की 7.8 प्रतिशत विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।




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