त्योहारों के जरिए नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने पर जोर...
गोद में नन्हे बाल गोपाल लिए सीएम डॉ. यादव ने फोड़ी मटकी !
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार रात भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। कृष्ण भजनों के बीच महारास हुआ और राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे बच्चों ने सभी का ध्यान खींचा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नन्हे बाल गोपाल को गोद में लेकर मटकी फोड़ी। इसके बाद उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से माखन-मिश्री खिलाई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ संत समाज और बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी केवल त्योहार मनाने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के जीवन और उनके संदेश को समझने का भी मौका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन आज भी प्रासंगिक है। उनका जन्म जेल में हुआ, बचपन मुश्किलों में बीता, लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी।
कृष्ण के जीवन से यह सीख मिलती है कि कठिन समय में भी धैर्य बनाए रखना चाहिए और रास्ता निकालते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कालिया मर्दन, गोवर्धन पर्वत उठाने और कंस के वध जैसे प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में भी अलग-अलग संदेश छिपे हैं। कृष्ण ने शिक्षा के महत्व को भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा हासिल की और वहीं सुदामा से उनकी मित्रता हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में भगवान कृष्ण से जुड़े स्थानों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जा रहा है। उज्जैन में उनके शिक्षा ग्रहण करने की परंपरा से जुड़े स्थलों के विकास के साथ जानापाव को भी प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने महर्षि परशुराम से यहीं सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था।
धार के पास अमझेरा और महिदपुर के पास नारायण जैसे स्थानों का भी कृष्ण के जीवन से संबंध बताया जाता है। सरकार इन स्थानों को विकसित कर उस दौर की स्मृतियों को लोगों के सामने लाने का प्रयास कर रही है। सीएम ने कहा कि केवल त्योहार पर छुट्टी घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। नई पीढ़ी को यह भी पता होना चाहिए कि हमारे त्योहारों और उनसे जुड़ी परंपराओं का महत्व क्या है। इसी सोच के साथ सरकार ने बड़े स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन और उनके अलग-अलग पक्षों पर अभी और शोध की जरूरत है। उनके विचार, शिक्षा और जीवन से जुड़ी घटनाएं आज भी समाज को रास्ता दिखा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया के सामने अपनी अलग पहचान बना रहा है। भारत की संस्कृति मानवता और विश्व बंधुत्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध और तनाव के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत अपनी आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपने हितों को ध्यान में रखते हुए दुनिया के सामने अपनी बात मजबूती से रख रहा है। सीएम ने कहा कि यह ऐसा समय है जब देश अपनी संस्कृति और विरासत को नए तरीके से दुनिया के सामने रख रहा है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के बाद अब मथुरा से जुड़ी कृष्ण परंपरा को भी नए रूप में सामने लाने की दिशा में काम होना चाहिए।




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