यूक्रेन में सैनिक भेजे तो रूस से होगी जंग...
भारत की धरती से पुतिन की यूरोप को चेतावनी !
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में BRICS सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में अपने सैनिक भेजते हैं तो रूस इसे सीधे युद्ध की शुरुआत मानेगा। हालांकि, पुतिन ने कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने का कोई इरादा नहीं है।
पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशों को रूस से किसी खतरे की चिंता नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक रूस के पास यूरोप के साथ किसी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस न तो यूरोपीय देशों को धमकी दे रहा है और न ही ऐसा करने का उसका कोई इरादा है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया था और सोवियत संघ के टूटने के बाद बनी व्यवस्थाएं भी रूस की सहमति से लागू हुई थीं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के खिलाफ उठाया गया कोई भी कदम रूस के हितों के खिलाफ होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।
यूक्रेन में यूरोपीय सैनिक भेजने की चर्चा पर पुतिन ने स्पष्ट कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन की जमीन पर अपने सैनिक भेजते हैं तो इसका मतलब रूस के साथ जंग होगा।
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में शुरू हुआ युद्ध अब पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान कई यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को लगातार समर्थन दिया है। वहीं, अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत कराने और संघर्ष को समाप्त करने के प्रयास करता रहा है।
BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस व्यापार संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ 'प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030' के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग पर भी बातचीत हुई।
मोदी और पुतिन की यह मुलाकात करीब दो सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बैठक थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित SCO सम्मेलन के दौरान मिले थे। BRICS सम्मेलन के बीच पुतिन की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की भूमिका और संभावित सैन्य भागीदारी को लेकर चर्चा जारी है।





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