G NEWS 24 : UK के एयर ट्रैफिक सिस्टम में गड़बड़ी से मचा हड़कंप, करीब 300 उड़ानें रद्द !

ब्रिटेन के आसमान में ‘टेक्निकल लॉकडाउन’...

UK के एयर ट्रैफिक सिस्टम में गड़बड़ी से मचा हड़कंप, करीब 300 उड़ानें रद्द !

ब्रिटेन में मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. देशभर में करीब 300 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई. ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) ने बताया कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी. इंजीनियरों ने समस्या की पहचान कर ली और इसे ठीक करने के लिए तुरंत काम शुरू किया. बाद में NATS ने बताया कि समस्या को ठीक करने के लिए जरूरी बदलाव लागू कर दिए गए हैं और सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। 

हालांकि, पूरी व्यवस्था को सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है. इस तकनीकी खराबी का असर लंदन के फ्लाइट इंफॉर्मेशन क्षेत्र पर पड़ा. इसके चलते विमानों के आने-जाने को कंट्रोल करना पड़ा. हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख हवाई अड्डे प्रभावित हुए. न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, ल्यूटन, बर्मिंघम, एबरडीन, ग्लासगो और एडिनबर्ग जैसे अन्य एयरपोर्ट भी प्रभावित हुए. डबलिन एयरपोर्ट ने भी ब्रिटेन से आने-जाने वाली कुछ उड़ानों में देरी की चेतावनी दी. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, हीथ्रो एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 367 उड़ानों में देरी हुई. 

वहीं गैटविक एयरपोर्ट पर करीब 250 उड़ानों में देरी हुई, जो एयरपोर्ट की कुल उड़ानों का लगभग 31 फीसदी है. हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह NATS के साथ मिलकर समस्या को हल करने में जुटा है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें. कई एयरलाइनों पर भी इसका असर पड़ा. British Airways ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या के कारण उसकी उड़ानें प्रभावित हुई हैं. EasyJet ने भी यूरोप के कई हिस्सों में उड़ानों में देरी की बात कही. यह NATS से जुड़ी कोई पहली बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है. 

2024 में फ्लाइट प्लान प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी के बाद भी ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित हुई थीं. उस घटना के बाद विमानन नियामक ने NATS से अपनी आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा था. एयरलाइन कंपनियों के अधिकारियों ने उस घटना की वजह से 10 करोड़ पाउंड से अधिक के रिफंड और मुआवजे का अनुमान लगाया था. इसके अलावा पिछले साल जुलाई में रडार से जुड़ी एक अलग तकनीकी समस्या के चलते भी हीथ्रो समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट पर चार घंटे से ज्यादा समय तक उड़ानें प्रभावित हुई थीं.

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