सत्य निकेतन हादसे मामले में बिल्डिंग मालिक के बाद पत्नी और बेटा भी गिरफ्तार...
दिल्ली के इमारत हादसे में MP के दो छात्रों की मौत,रक्षाबंधन मनाकर लौटे अर्पित की भी गई जान !
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में मध्य प्रदेश के कटनी और देवास जिले के दो छात्रों की मौत हो गई. कटनी के 19 वर्षीय अक्षत यादव दुबे कॉलोनी के रहने वाले थे. दिल्ली में रहकर दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे. हादसे की खबर मिलते ही अक्षत के परिवार में मातम छा गया. परिजन रोते-बिलखते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो गए. बताया जा रहा है कि करीब 40 साल पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इसकी चपेट में आने से अक्षत मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए.
मलबे से बाहर निकालने के बाद अक्षत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. अक्षत के पड़ोसी विनय चतुर्वेदी और संदीप त्रिपाठी ने बताया कि मौत की खबर मिलते ही दुबे कॉलोनी में लोगों की भीड़ जमा हो गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. परिजन दिल्ली पहुंच चुके हैं. पोस्टमार्टम के बाद अक्षत का शव उन्हें सौंप दिया गया. परिवार के लोग अब शव को अंतिम संस्कार के लिए कटनी लेकर आ रहे हैं.
हर कोई इस हादसे को लेकर दुखी
दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल कर बेहतर भविष्य का सपना देख रहे अक्षत की अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अक्षत के परिजन उनके शव को लेकर दिल्ली से कटनी के लिए रवाना हो चुके हैं. मंगलवार सुबह शव के कटनी पहुंचने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद दुबे कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है. हर कोई इस हादसे को लेकर दुखी है. वहीं, हादसे में मध्य प्रदेश के देवास जिले के छात्र अर्पित जाज की भी मौत हुई है. अर्पित दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे और अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर दिल्ली में रह रहे थे.
रक्षाबंधन मनाने के बाद गए थे दिल्ली
अर्पित कुछ दिन पहले रक्षाबंधन मनाने के लिए देवास आए थे. परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मनाने के बाद वह शनिवार को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो गए. रविवार सुबह करीब 7 बजे दिल्ली पहुंचे. इसके बाद उन्होंने हॉस्टल में कुछ समय बिताया. खाना खाने के बाद अपने कमरे में चले गए. अर्पित सत्य निकेतन स्थित हॉस्टल डेज की बिल्डिंग नंबर 11 के कमरा नंबर 302 में रह रहे थे. बताया जा रहा है कि जिस इमारत में अर्पित रह रहे थे, वहां पिछले कुछ दिनों से मरम्मत का काम चल रहा था.
देवास में अर्पित के घर पसरा मातम
हादसे के बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सोमवार सुबह उनका शव मलबे से बरामद किया गया. उनके पिता ने शव की पहचान की. जैसे ही अर्पित की मौत की खबर देवास पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. देवास के जय बजरंग नगर स्थित उनके घर में मातम पसरा हुआ है. कुछ दिन पहले जिस घर में रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है. परिवार अर्पित के पार्थिव शरीर के देवास पहुंचने का इंतजार कर रहा है. बता दें कि इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें 12 लोगों को बचाया गया है. वहीं 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है. अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू डॉग और कैमरे के सहायता से लोगों की तलाश की जा रही है.




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