राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना...
जहरीली शराब से 22 मौतों का दावा, 120 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती !
सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। हादसे में अब तक करीब 22 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 120 से अधिक लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने की बात कही जा रही है। घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश कांग्रेस की पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला।” राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए कानून बनाए जाते हैं, लेकिन अगली घटना होने तक उन्हें भुला दिया जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि सागर में जहरीली शराब ने कई लोगों की जान ले ली और अनेक परिवारों में मातम पसरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हो रही हैं। उनका कहना है कि हर घटना के बाद कुछ गिरफ्तारियां, अधिकारियों के निलंबन और जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार को पहले से पता है कि अवैध और जहरीली शराब के कारण लोगों की जान जा चुकी है, तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। सागर जिले में बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। प्रभावित लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने शराब दुकानों और वहां मौजूद स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की शराब दुकानों को सील कर दिया है। इन दुकानों में मौजूद शराब की सैंपलिंग भी कराई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद शराब की गुणवत्ता और मौतों के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामले में पुलिस ने दो थानों में कुल 30 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है। मामले में संगठित अपराध से संबंधित धारा 3(5) और नशीला पदार्थ या जहर देने से संबंधित धारा 123 भी लगाई गई है। अब तक 14 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बंडा थाना क्षेत्र में दर्ज FIR में कुल 19 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस इन सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और इसकी बिक्री एवं सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे।
शराब के नमूनों की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में किसी जहरीले रसायन या अन्य हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं। इसके साथ ही पुलिस प्रभावित लोगों से जानकारी जुटाकर शराब के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क का भी पता लगाने में जुटी है। सागर शराब कांड को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार से निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता देने की मांग कर रही है। वहीं प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी है। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




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