G NEWS 24 : यात्री परिवहन विजन समिट-2026 से निवेश और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

15 हजार से अधिक सार्वजनिक बसें चलाने की तैयारी...

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 से निवेश और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

भोपाल। मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के साथ ही निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा यह समिट 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगी। समिट में देशभर से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे। समिट के दौरान विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार किया जाएगा। 

प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को भी मजबूत परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड के अंतर्गत ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ तैयार किया गया है। इसके तहत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। 

इसके साथ ही प्रदेश में 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो के कायाकल्प का भी लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए प्रदेश में इलेक्ट्रिक एवं स्वच्छ ईंधन आधारित बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में 96 पीएम ई-बस और 120 इंटरसिटी बसें संचालित हैं। आगामी छह महीनों में 486 पीएम ई-बस और 34 इंटरसिटी बसें और जोड़ी जाएंगी। वर्ष 2027 तक इलेक्ट्रिक एवं इंटरसिटी बसों की संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। 

सरकार के अनुसार इन प्रयासों से हर साल 70 हजार टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित होने वाली सार्वजनिक बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। सार्वजनिक व्यवस्था में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 

सभी बसों को सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके साथ ही पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। इससे यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। यात्री परिवहन के विस्तार के लिए जन-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की तैयारी है। निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, विज्ञापन और कार्गो जैसी नॉन-फेयर रेवेन्यू गतिविधियों को बढ़ाने तथा आधुनिक डिपो और टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

यात्री परिवहन के विस्तार से बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन वाले राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में शामिल होकर अपने सुझाव देने के इच्छुक प्रतिभागी 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे। समिट से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आयोजन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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