6 - 7 नए चेहरे जुड़ने की संभावना...
आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर मोदी कैबिनेट में हो सकता है फेरबदल !
नई दिल्ली। भाजपा में संगठन स्तर पर हुए बदलाव के बाद अब मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी विधानसभा चुनावों के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी टीम में बदलाव कर सकते हैं। संभावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने के साथ कुछ अनुभवी नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव या कैबिनेट से विदाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किया जाएगा, लेकिन भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद संभावित बदलाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
वर्तमान में 14 मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार है। ऐसे में कुछ मंत्रियों के मंत्रालयों का बोझ कम किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। मोदी सरकार में वर्तमान में 69 मंत्री हैं, जबकि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। इस लिहाज से सरकार के पास 12 और पद भरने की गुंजाइश है। हालांकि सभी 12 पद भरे जाने की संभावना कम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 6-7 नए चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ पद भविष्य की राजनीतिक जरूरतों के लिए खाली रखे जा सकते हैं।
संभावित फेरबदल में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा है। वहीं भाजपा के युवा चेहरों में अनुराग ठाकुर को भी केंद्र सरकार में जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कैबिनेट फेरबदल में आगामी चुनावी जरूरतों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, नेताओं की उम्र, कार्यप्रदर्शन और भाजपा के 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत को ध्यान में रखा जा सकता है। ऐसे में जिन नेताओं को भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, उनके मंत्री पद से हटने या मंत्रालय में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा चर्चा नितिन गडकरी के मंत्रालय और उनकी भूमिका को लेकर हो रही है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें और विरोध देखने को मिल रहा है। एक्टिविस्ट तेहसीन पूनावाला द्वारा इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि एथेनॉल से जुड़ा हर मुद्दा सीधे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दायरे में नहीं आता, फिर भी इस मामले को लेकर नितिन गडकरी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। इसी वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि आगामी कैबिनेट फेरबदल में नितिन गडकरी के मंत्रालय या जिम्मेदारी में कोई बदलाव होगा या नहीं। फिलहाल सरकार की ओर से संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।




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