G News 24 : डेढ़ लाख शिक्षकों को देना होगा TET,21 अगस्त से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन !

 मध्यप्रदेश में 12 अक्टूबर से होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा...

डेढ़ लाख शिक्षकों को देना होगा TET,21 अगस्त से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन !

भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. एमपी TET 2026 की परीक्षा 12 अक्टूबर से आयोजित कराई जाएगी. इसके आवेदन 21 अगस्त से 4 सितंबर के बीच होंगे. इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा में 150 प्रश्न होंगे, लेकिन उसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी.

मध्यप्रदेश में वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को अब अपनी पात्रता साबित करने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी होगी। कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 21 अगस्त 2026 से शुरू होकर 4 सितंबर 2026 तक चलेगी। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी 9 सितंबर 2026 तक अपने फॉर्म में संशोधन कर सकेंगे।

परीक्षा को लेकर कर्मचारी चयन मंडल ने नियम पुस्तिका भी जारी कर दी है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए परीक्षा का पैटर्न अलग-अलग रखा गया है। परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से होगी और प्रदेश के 11 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

प्राथमिक शिक्षकों से पूछे जाएंगे 150 सवाल

प्राथमिक शिक्षकों की पात्रता परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। प्रश्नपत्र में पांच विषय शामिल होंगे और प्रत्येक विषय से 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे।

परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन से संबंधित सवाल शामिल होंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से अभ्यर्थी को एक सही विकल्प चुनना होगा। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। यानी गलत उत्तर देने पर प्राप्त अंकों में से कोई अंक नहीं काटा जाएगा।

सामान्य वर्ग को 60, आरक्षित वर्ग को 50 अंक जरूरी

150 अंकों की परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम 60 अंक प्राप्त करने होंगे। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और अन्य निर्धारित आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल कर परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए विषयवार तैयारी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि प्रत्येक विषय से समान संख्या में प्रश्न पूछे जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षकों के लिए अलग पैटर्न

माध्यमिक शिक्षकों की शिक्षक पात्रता परीक्षा का पैटर्न प्राथमिक शिक्षकों से अलग होगा। माध्यमिक स्तर के शिक्षक अपनी पात्रता और विषय के अनुसार पेपर का चयन करेंगे। परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय शामिल किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षकों के प्रश्नपत्र में कुल 120 सवाल पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न एक-एक अंक के होंगे। अभ्यर्थियों को अपनी निर्धारित विषय पात्रता के अनुसार संबंधित विषय का पेपर देना होगा।इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षकों की विषयगत और शिक्षण संबंधी पात्रता का आकलन करना है। परीक्षा ऑनलाइन आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के अनुसार तैयारी करनी होगी।

11 शहरों में बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए प्रदेश में कुल 11 परीक्षा शहर निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थी आवेदन के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध केंद्रों में से परीक्षा केंद्र का चयन कर सकेंगे। परीक्षा केंद्रों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, रीवा, सीधी, नीमच, रतलाम, सागर, सतना और उज्जैन शामिल हैं। परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा में आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 4 सितंबर है, जबकि फॉर्म में सुधार के लिए 9 सितंबर तक का समय दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित हो रही परीक्षा

शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मुख्य वजह सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है। इसके तहत 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देनी होगी। आदेश में कक्षा 8वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा को आवश्यक माना गया है।

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निर्धारित शिक्षक पात्रता मानकों को पूरा करना आवश्यक है। इसी के चलते लंबे समय से सरकारी स्कूलों में अध्यापन कर रहे शिक्षकों को भी अब विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा।  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस विशेष परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। अब कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की तारीख और आवेदन कार्यक्रम जारी कर दिया है।

परीक्षा पास करने के लिए मिलेगा दो साल का समय

शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए तत्काल एक ही मौका नहीं दिया गया है। निर्धारित नियमों के अनुसार उन्हें पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए दो साल का समय मिलेगा। इस अवधि में परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।जो शिक्षक निर्धारित समय सीमा में पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उनके लिए सेवा जारी रखने को लेकर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। नियमों के मुताबिक ऐसे शिक्षकों को सेवा से बाहर किया जा सकता है।

हालांकि, ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें परीक्षा से छूट दी गई है। इस प्रावधान से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी जो अपने सेवाकाल के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।

वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों के सामने पात्रता साबित करने की चुनौती

इस परीक्षा के आयोजन से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है जो लंबे समय से सरकारी स्कूलों में अध्यापन कर रहे हैं। अब उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा पास कर अपनी पात्रता साबित करनी होगी।

प्राथमिक शिक्षकों को जहां 150 प्रश्नों के जरिए पांच विषयों की परीक्षा देनी होगी, वहीं माध्यमिक शिक्षकों को अपने निर्धारित विषय से संबंधित 120 प्रश्नों का सामना करना पड़ेगा। दोनों परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से होगी।

शिक्षकों के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू होने जा रही है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने के साथ-साथ परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी शुरू करनी होगी। 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली यह परीक्षा प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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