ग्वालियर में लाखों पुस्तकों के बीच ज्ञान,साहित्य और संस्कृति का होगा संगम...
कला वीथिका परिसर में 7 अगस्त से सजेगी किताबों की खूबसूरत दुनिया !
ग्वालियर, 3 अगस्त। 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शहर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 07 से 16 अगस्त, 2026 तक कला वीथिका परिसर, पड़ाव चौक, ग्वालियर में 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा। पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और साहित्यकारों के लिए यह मेला ज्ञान और संस्कृति का अनूठा संगम साबित होगा। मेले में देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशक एवं साहित्यिक संस्थाएं भाग लेकर लाखों पुस्तकों का विशाल संग्रह पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। समय इंडिया (ट्रस्ट) एवं पुस्तक मेला समिति, नई दिल्ली के तत्वावधान में होगा आयोजन
राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन समय इंडिया (ट्रस्ट) और पुस्तक मेला समिति नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है। यह जानकारी समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंधन्यासी चन्द्र भूषण ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दी । उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से इससे पहले 2009 में राष्ट्रीय पुस्तक मेले का सफल आयोजन किया गया। इसके बाद लगातार 2010 और 2011 में भी आयोजन का सिलसिला जारी रहा । 2 वर्षों के अंतराल के बाद फिर 2014 में पुस्तक मेला लगाया गया। इस कड़ी में इस संस्था की ओर से आयोजित यह 5वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला होगा ।
उल्लेखनीय है कि संस्था की ओर से इस वर्ष पुस्तक परिक्रमा के तहत इससे पहले झारखंड और बिहार के चौदह जिलों में 4-4 दिवसीय सफल पुस्तक मेले लगाकर पाठकों को पुस्तकें उपलब्ध कराने का सिलसिला चला, जिसे पुस्तक प्रेमियों ने भरपूर सराहा।
स्थानीय संयोजक और प्रसिद्ध कवि अमित चितवन ने बताया कि पुस्तक मेले के आयोजन में विभिन्न साहित्यिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं का भी सहयोग रहेगा। मेले का उद्देश्य समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना, युवाओं को पुस्तकों से जोड़ना तथा गुणवत्तापूर्ण साहित्य को जन-जन तक पहुंचाना है।
देश के प्रमुख प्रकाशक और संस्थाएं होंगी शामिल
समय प्रकाशन समूह के विक्रय प्रतिनिधि यश भूषण ने बताया कि मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, मनोज पब्लिकेशन, दीपा प्रकाशन, रणविजय प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन,राजपाल एंड संस, , युद्धोस्वा फाउंडेशन, उपकार प्रकाशन, प्रकाशन विभाग (भारत सरकार), बोध बुक स्टॉल, राजपाल एंड संस, निखिल पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, रोहित बुक कंपनी, प्रकाश बुक, मुक्ता बुक एजेंसी सहित देशभर के अनेक प्रतिष्ठित प्रकाशक एवं पुस्तक विक्रेता भाग ले रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भी सहभागिता रहेगी।
हर आयु वर्ग के लिए पुस्तकों का विशाल संसार
मेले में साहित्य, उपन्यास, कविता, बाल साहित्य, इतिहास, संस्कृति, धर्म, दर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, कानून, प्रबंधन, कृषि, व्यक्तित्व विकास तथा अन्य विषयों की हजारों नई और चर्चित पुस्तकें विशेष छूट के साथ उपलब्ध रहेंगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए भी यह मेला विशेष रूप से उपयोगी रहेगा।
प्रतिदिन होंगे साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन
अमित चितवन ने बताया कि पुस्तक मेले के दौरान प्रतिदिन पुस्तक लोकार्पण, लेखक-पाठक संवाद, काव्य गोष्ठियां, साहित्यिक परिचर्चाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, छात्र-छात्राओं की प्रतियोगिताएं तथा सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन प्रतियोगिताओं में चित्रकला, कविता सुनाओ, कहानी लेखन, नृत्य प्रतियोगिता, फेंसी ड्रेस प्रतियोगिता मुख्य होंगी। यह सभी प्रतियोगिताएं निःशुल्क रहेंगी। इससे यह आयोजन केवल पुस्तक बिक्री तक सीमित न रहकर साहित्य और संस्कृति का जीवंत उत्सव बन जाएगा।
स्थानीय लेखकों का होगा कोना
पुस्तक मेला में स्थानीय लेखकों एवं उनकी पुस्तकों को प्रोत्साहन देने ओर बिक्री का मंच उपलब्ध कराने के लिए संस्था की ओर से लेखक कोना बनाया जा रहा है। यहां लेखक अपनी प्रकाशित पुस्तकों की 5-5 प्रतियां प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए रख सकेंगे । बिक्री उपरांत धनराशि लेखकों को सौंप दी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहित्यकार लेखक डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, लक्ष्मण कुशवाहा भी मौजूद थे।
आयोजकों ने ग्वालियर सहित आसपास के जिलों के नागरिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, पुस्तकालयाध्यक्षों तथा साहित्य प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचने की अपील की है। राष्ट्रीय पुस्तक मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। मेले में एंट्री फ्री रहेगी।




0 Comments