पूरे देश मे एक साथ चल रहा है विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान...
ब्रह्माकुमारीज माधवगंज केंद्र पर 30 से अधिक लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान !
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की भगिनी संस्था राजयोग एज्युकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के समाज सेवा प्रभाग द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूरे देश मे एक साथ चल रहे विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान के अंतर्गत आज ग्वालियर में माधवगंज स्थित ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में 30 से भी अधिक लोगों ने रक्तदान किया। शिविर का आयोजन इमर्जेंसी ब्लड सेंटर के सहयोग से प्रातः 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के कमांडेंट प्रेमचंद गुप्ता, माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शिव कुमार शर्मा, डॉ.एच.एन. मोतीरमानी, रेडिएंट स्कूल के प्राचार्य ब्रह्मजीत सिंह, इमर्जेंसी ब्लड सेंटर के संचालक आशीष साओ, तृप्ति साओ, नीलम मोतीरमानी, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके डॉ. गुरचरण सिंह एवं राजयोग प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई उपस्थित रहे।
रक्तदान को लेकर भ्रांतियां दूर करना आवश्यक: तृप्ति साओ
कार्यक्रम के शुभारंभ में इमर्जेंसी ब्लड सेंटर की तृप्ति साओ ने कहा कि रक्तदान को लेकर आज भी समाज में कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं देखने को मिलती हैं। अनेक लोग मानते हैं कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है, लंबे समय तक थकान रहती है अथवा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जबकि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति द्वारा चिकित्सकीय मानकों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया रक्तदान सामान्यतः सुरक्षित होता है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता है कि रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर लोगों को सही जानकारी के प्रति जागरूक किया जाए।
युवाओं में सेवा और मानवता के संस्कार विकसित करना जरूरी: डॉ शिव कुमार
माधव महाविद्यालय के प्राचार्य शिव कुमार ने कहा कि हमारे संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना चाहिए। रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवाओं को सेवा, सहयोग, दान और मानवता के संस्कारों से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना हम सभी का दायित्व है। आने वाली पीढ़ी को यह सिखाना आवश्यक है कि जीवन में शिक्षा, सफलता और करियर के साथ-साथ सेवा एवं परोपकार का भी विशेष महत्व है। हमारा छोटा-सा प्रयास किसी जरूरतमंद परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
जरूरत के समय निस्वार्थ भाव से आगे आएं : ब्रह्मजीत सिंह
रेडिएंट स्कूल के प्राचार्य ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि जहां भी हमारी आवश्यकता हो, वहां हमें निस्वार्थ भाव से आगे बढ़कर सेवा करनी चाहिए। आज बदलती जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच अनेक अवसरों पर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में यदि ईश्वर ने हमें किसी के काम आने योग्य बनाया है, तो जरूरतमंद की सहायता करना हमारा मानवीय कर्तव्य है।
अच्छे कर्म और सेवा ही वास्तविक पूंजी :कमांडेंट पी.सी. गुप्ता
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के कमांडेंट प्रेमचंद गुप्ता ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है, किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है और किसी व्यक्ति को जीवन की नई उम्मीद दे सकता है। किसी जरूरतमंद की सहायता करने के बाद उसके हृदय से निकली दुआएं ही हमारी वास्तविक पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि धन-दौलत और भौतिक वस्तुएं यहीं रह जाती हैं, लेकिन हमारे अच्छे कर्म, सेवा और मानवता के कार्य लोगों की यादों और दुआओं में हमेशा जीवित रहते हैं।
रक्तदान मानवता के प्रति जिम्मेदारी:डॉ. एच.एन. मोतीरमानी
डॉ. एच.एन. मोतीरमानी ने कहा कि रक्तदान केवल रक्त देना नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और किसी के जीवन को बचाने का प्रयास है। आपका कुछ समय किसी परिवार की खुशियां वापस ला सकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे स्वयं रक्तदान करें और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें।
रक्त की एक यूनिट किसी के लिए जीवन की उम्मीद : बीके आदर्श दीदी
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने कहा कि रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकती है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति, गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज, ऑपरेशन कराने वाले रोगी तथा प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता वाली माताओं के लिए समय पर उपलब्ध रक्त अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर डर या अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय योग्य विशेषज्ञों से सही जानकारी प्राप्त कर पात्र लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में बीके डॉ. गुरचरण सिंह ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि जहां भी हमारी जरूरत हो, वहां निस्वार्थ भाव से आगे आएं। पात्र एवं स्वस्थ होने पर रक्तदान करें तथा मानव सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि हमारे रक्त की कुछ बूंदें किसी के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से उपस्थित अतिथियों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानव सेवा के इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बीके प्रहलाद भाई ने किया । इस अवसर पर बीके जीतू , बीके पवन, देवेंद्र, मनोज शर्मा, ध्रुव, विनीत,सुरेन्द, सुनीता, पूनम, निशा, छाया, कशिश, पार्वती सहित अनेकानेक लोग उपस्थित थे।



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